संवाद सहयोगी, करतारपुर : पुलिस ने गांव पत्तड़ कलां में अवैध रूप से चल रहे नशा छुड़ाओ केन्द्र में छापामारी कर दो कमरों में कैद लगभग तीन दर्जन युवकों को छुड़वाकर एक व्यक्ति को काबू किया है। थाना प्रभारी दविदर सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि उक्त गांव में अवैध नशा छुड़ाओ केन्द्र चल रहा है जिस पर नायब तहसीलदार लवप्रीत सिंह, सिविल अस्पताल जालंधर के डॉ. अमन सूद समेत पुलिस टीम के साथ शाम 5 बजे वहां पर दबिश दी। इस दौरान दो कमरों में कैदियों की तरह रखे लगभग तीन दर्जन युवकों को छुड़वाया गया। वहीं इन युवकों को केन्द्र में मामूली बातों पर डंडों से पीटने की बात सामने आई है। पुलिस को दिए बयान में अमृतसर के घग्गड़वाला वासी लवजिदर सिंह ने बताया कि तीन-चार महीने से इस केन्द्र में रह रहा है। केन्द्र के लोग छोटी-छोटी बातों पर बुरी तरह पीटते हैं और कैदियों की तरह रखा गया था। इतना ही नहीं, रोटी भी खिड़की से पकड़ाकर दी जाती है। यदि कोई व्यक्ति गलती करता है तो उसकी डंडों से पिटाई की जाती थी। लवजिदर के नितंब पर निशान पड़े थे और पूरी जगह लाल थी। वहीं थाना प्रभारी दविदर सिंह ने बताया कि 2015-16 में धन-धन श्री गुरु तेग बहादुर साहिब ग्रंथी सभा, वीपीओ पत्तड़ कलां नाम से सोसायटी रजिस्टर्ड करवाई गई थी। इसकी आड़ में नशा छुड़ाओ केन्द्र शुरू किया गया। पुलिस को सरकार से नशा छुड़ाओ केन्द्र का मंजूरशुदा होने का कोई प्रमाण नहीं मिला है।

टार्चर रूम ही था केंद्र

थाना प्रभारी ने बताया कि उक्त केन्द्र मात्र टार्चर रूम बनाया हुआ है। वहां मारपीट के अलावा कुछ नहीं था। उन्होंने इसके लिए नशा पीड़ितों के मां-बाप को भी जिम्मेदार बताया, जो बिना सोचे-समझे बच्चों को ऐसे केन्द्रों में दाखिल करवाते हैं।

इलाज के लिए सभी माडल केंद्र में करवाए भर्ती

माडल नशा छुड़ाओ केन्द्र जालंधर के डॉ. अमन सूद ने बताया कि करतारपुर के पत्तड़ कलां में गैर कानूनी ढंग से चल रहे सेंटर में जिला प्रशासन व पुलिस की तरफ से छापामारी की गई थी। इस दौरान वहां पर कैदी बनाकर रखे हुए 37 युवकों को पहले करतारपुर थाने ले जाया गया, वहां से बयान कलमबद्ध करने के बाद इलाज के लिए माडल नशा छुड़ाओ केन्द्र में भर्ती कर लिया गया है।

लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!