संवाद सहयोगी, जालंधर। डीसीपी नरेश डोगरा और विधायक रमन अरोड़ा विवाद में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। घटना को लेकर किरकिरी के बाद सरकार ने डीसीपी डोगरा का तबादला कर दिया है। इससे पहले, बुधवार रात हुए विवाद में आखिर विधायक व पुलिस दोनों बैकफुट पर आ गए। पंजाब सरकार की घुड़की के बाद आखिर दोनों ने वीरवार देर शाम समझौता कर लिया।

इस मामले में पुलिस ने वीरवार सुबह डीसीपी के खिलाफ हत्या के प्रयास व एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। विधायक अरोड़ा ने भी एफआइआर की पुष्टि की, लेकिन शाम को पुलिस कमिश्नर गुरशरण सिंह संधू ने कहा कि कोई एफआइआर दर्ज नहीं हुई है।

सूत्रों के अनुसार यह एफआइआर डीजीपी गौरव यादव व सरकार तक पहुंचने के बाद रद की गई। बुधवार रात एफआइआर होने के बाद सुबह इंटरनेट मीडिया पर दो वीडियो वायरल हो गए थे। पहले वीडियो में डोगरा घुटनों के बल हाथ जोड़कर सहमे बैठे हैं और भीड़ ने घेरा है। दूसरी में मारपीट के बीच उनको डीसीपी जसकिरण तेजा निकाल ले जा रहे हैं।

विधायक अरोड़ा ने कहा कि विवाद डीसीपी व वाल्मीकि समुदाय के लोगों के बीच में है। उनका इससे कोई लेना देना नहीं है, जबकि मामले में सबसे पहले अरोड़ा और डोगरा ही आमने-सामने हुए थे। दरअसल दो दुकानदारों में दुकान के आगे टायर रखने को लेकर विवाद हुआ था।

दोपहर बाद वायरल रिकार्डिग बनी समझौते का कारण

इसी मामले में एक और आडियो व एक अन्य वीडियो भी वायरल हुई है। आडियो में रमन अरोड़ा डीसीपी को फोन पर सीधे धमकी देते नजर आ रहे हैं। वीडियो में जालंधर वेस्ट से आप विधायक शीतल अंगुराल के भाई पर सिविल अस्पताल की नर्स पर र्दुव्‍यवहार करने का आरोप लग रहा है। अंगुराल के भाई राजन तीन लोगों की एमएलआर कटवाने गए थे। ये तीनों लोग रमन अरोड़ा के समर्थन में आए थे।

वाल्मीकि समाज व डीसीपी में हुआ विवाद : विधायक

विधायक अरोड़ा ने कहा कि वे एक दफ्तर में बैठे थे। वहां पर डीसीपी भी आए और वाल्मीकि समाज के लोग निमंत्रण पत्र देने के लिए आए। वाल्मीकि समाज व डीसीपी के बीच बहसबाजी हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि वहां हाथापाई हो गई और तीन लोग घायल हो गए।

Edited By: Pankaj Dwivedi