जेएनएन, जालंधर। Punjab Farmer's Protest: केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब सरकार द्वारा विधानसभा में लाए गए कृषि बिलों के बाद किसान संगठनों ने रेलवे ट्रेकों से धरना खत्म कर दिया था। इससे तीन-चार दिन से पंजाब में मालगाड़ियों की आवाजाही सुचारू हो गई थी, लेकिन सोमवार को एक बार फिर कुछ किसान संगठनों से जुड़े किसान संगरूर में रेल ट्रेकों पर धरने पर बैठ गए। इससेे मालगाड़ियों की आवाजाही फिर रुक गई है। कुछ मालगाड़ियां जालंधर में खड़ी हो गई हैं।

दरअसल, किसानसंगठनों द्वारा केवल मालगाड़ियों को चलाकर खाद्यान्न व जरूरी सामान को पहुंचाने के लिए ही ट्रैकों खाली किया गया था, मगर अंबाला डिवीजन की तरफ से खाली यात्री ट्रेनों को एक जगह से दूसरी जगह पर शिफ्ट करना शुरू कर दिया गया। इसके कारण किसानों को लगा कि रेलवे की तरफ से यात्री ट्रेनों को चला दिया गया है। इस वजह से किसान संगठनों से जुड़ी किसानों ने रोष में आकर सोमवार को रेलवे ट्रेकों पर धरना देना शुरू कर दिया गया। इस वजह से पानीपत से पेट्रोल लाने के लिए जालंधर से खाली ट्रेन भेजी जानी थी और अब उसे भी भेजा जाना रद कर दिया गया है।

बता दें, 2 दिन पहले भी किसानों की तरफ से प्रदर्शन किए जाने की वजह से ट्रेन को रद कर रोक लिया गया था। डीआरएम राजेश अग्रवाल का कहना है कि किसानों की तरफ से बार-बार रेल ट्रैक पर प्रदर्शन किए जाने की वजह से अगले 4 दिनों के लिए मालगाड़ियों की सप्लाई को रोक दिया गया है। वहीं, कुछ किसान संगठनों की आज भी बैठक हो रही है। इसमें कुछ अहम फैसले लिए जा सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि किसानों के ट्रेक से उठने के बाद दो दिन पूर्व फिरोजपुर रेलवे मंडल में 52 मालगाडिय़ों का संचालन किया गया था। डीआरएम राजेश अग्रवाल ने बताया कि 17 मालगाडिय़ां (एक खाद्यान्न, 10 कंटेनर रैक, एक जिप्सम, एक विविध और चार कोयला व लोहे के लिए अन्य राज्यों में भेजे गए। 35 गाड़ियां पंजाब से जम्मू-कश्मीर के बीच चलाई गई। 

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