जालंधर [मनुपाल शर्मा]। बायोडीजल के नाम पर प्रदेश भर में बिक रहा नकली डीजल पेट्रोलियम डीलर्स एवं सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहा है। नकली डीजल की वजह से जहां पेट्रोलियम डीलर्स की डीजल की बिक्री में गिरावट है, वहीं सरकार को डीजल की बिक्री से मिलने वाले राजस्व में भी कमी है। राजस्थान एवं गुजरात से आ रहा नकली डीजल कुछ औद्योगिक इकाइयां एवं हलवाई खरीद रहे हैं और इसकी खपत भी लगातार बढ़ती जा रही है। नकली डीजल की बिक्री होने की सूचना के बावजूद भी इस पर कोई रोक नहीं लग पा रही है। हालांकि तेल कंपनियों समेत पेट्रोलियम डीलर्स को भी नकली डीजल की बिक्री के बारे में सूचना है। यही बस नहीं है।

नकली डीजल पेट्रोलियम डीलर्स की बिक्री घटाने एवं सरकारी खजाने को चपत लगाने के अलावा पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचा रहा है, क्योंकि नकली डीजल प्रदूषण फैला रहा है। नकली डीजल को बनाते समय प्रदूषण मानकों की तरफ भी कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। लगभग पांच महीने पहले पंजाब में नकली डीजल की हजारों लीटर की खेप पकड़ी गई थी, लेकिन उसके बाद भी नकली डीजल की बिक्री कम नहीं हुई है।

पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन, पंजाब (पीपीडीएपी) के प्रवक्ता मोंटी गुरमीत सहगल ने कहा है कि इसमें कोई शक नहीं है कि प्रदेश में गुजरात एवं राजस्थान से बायोडीजल के नाम पर नकली डीजल की सप्लाई हो रही है। कुछ औद्योगिक इकाइयां और हलवाई वर्ग इस नकली डीजल की खरीद कर रहा है। पेट्रोलियम डीलर्स की बिक्री में नकली डीजल की वजह से 10 फीसद के लगभग की गिरावट है, लेकिन सरकार को भी यह सोचना चाहिए कि राजस्व प्राप्ति को भी चपत लग रही है।

मोंटी गुरमीत सहगल ने कहा कि नकली डीजल के जलने पर पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचता है, क्योंकि इसमें सल्फर का तत्व ज्यादा पाया जाता है। जो पर्यावरण के लिए बेहद हानिकारक है। उन्होंने कहा कि अगर राज्य सरकार और तेल कंपनियों ने नकली डीजल की बिक्री रोकने को कड़े कदम न उठाए तो फिर पंजाब का भारी नुकसान होगा। पेट्रोलियम इंडस्ट्री बर्बाद होगी और पर्यावरण को भी खासा नुकसान पहुंचेगा।

Edited By: Vinay Kumar