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प्लॉट आवंटन में रिश्वत के खेल पर ED की कार्रवाई, पंजाब के 4 शहरों में 11 ठिकानों पर रेड; 4 करोड़ हुए फ्रीज

Published: Thu, 13 Aug 2026 05:01 PM (IST)

औद्योगिक प्लॉटों के कथित अवैध आवंटन मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने चार शहरों में 11 ठिकानों पर तलाशी ली। 12.15 लाख रुपये नकद और 4.01 करोड़ रुपये फ्रीज किए।

ये AI जनरेटेड इमेज है।

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HighLights

  1. ईडी ने औद्योगिक प्लॉटों के अवैध आवंटन मामले में कार्रवाई की।

  2. चार शहरों में 11 ठिकानों पर छापेमारी, आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त।

  3. 12.15 लाख नकद बरामद, 4.01 करोड़ रुपये के खाते फ्रीज।

डिजिटल डेस्क, जालंधर। औद्योगिक प्लॉटों के कथित अवैध आवंटन और रिश्वतखोरी से जुड़े धन शोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की है। जालंधर जोनल कार्यालय की टीम ने 4 से 6 अगस्त को चंडीगढ़, अमृतसर, गुरदासपुर और लुधियाना में 11 परिसरों की तलाशी ली। इसके अलावा पंजाब लघु उद्योग एवं निर्यात निगम के कार्यालय में भी सर्वे किया गया।

तलाशी के दौरान कई परिसरों से आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण बरामद कर जब्त किए गए। कार्रवाई के दौरान 12 लाख 15 हजार रुपये की अघोषित नकदी भी मिली। इसके साथ ही निगम के सेवानिवृत्त मुख्य महाप्रबंधक सुरिंदर पाल सिंह और सेवानिवृत्त महाप्रबंधक जसविंदर सिंह रंधावा के बैंक खातों में करीब 4.01 करोड़ रुपये की राशि फ्रीज की गई है।

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रिश्तेदारों व करीबियों के नाम प्लॉट देने का आरोप

प्रवर्तन निदेशालय ने यह जांच सतर्कता ब्यूरो की ओर से दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की थी। जांच में सामने आया कि निगम के कुछ अधिकारियों ने कथित तौर पर अपने रिश्तेदारों, दोस्तों और अन्य करीबियों के नाम पर औद्योगिक प्लॉट आवंटित किए।

जांच एजेंसी के अनुसार, कई आवेदकों को तकनीकी उद्योगों की जानकारी नहीं थी। आवेदन के दौरान कथित तौर पर फर्जी फर्मों और गलत पतों का इस्तेमाल किया गया। अधिकारियों से करीबी संबंधों के माध्यम से प्लॉट हासिल किए गए।

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प्लॉट बेचकर कमाया मुनाफा

जांच में यह भी सामने आया कि कुछ प्लॉट फर्जी संस्थाओं और काल्पनिक फर्मों के नाम पर आवंटित किए गए। बाद में इन्हें बाजार दर पर तीसरे पक्ष को बेचकर कथित तौर पर भारी मुनाफा कमाया गया। कुछ औद्योगिक प्लॉटों को बांटकर आवासीय और व्यावसायिक उपयोग में भी लाने की बात जांच में सामने आई है।

एजेंसी के अनुसार, कथित अवैध आवंटन के बदले नकद लेनदेन और परतदार वित्तीय व्यवस्थाओं के माध्यम से रिश्वत दिए जाने के साक्ष्य मिले हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।

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