जगदीश कुमार, जालंधर

शनिवार को रात भर हुई बारिश से तापमान गिरकर 16 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इससे डेंगू का खतरा कम हो जाएगा। माहिरों की मानें तो 18 डिग्री सेल्सियस से कम तापमान में डेंगू का मच्छर एडीज इजिप्टी का दम घुटने लगता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के डा. सतीश कुमार कहते हैं कि डेंगू के मच्छर को पनपने के लिए 24 से 28 डिग्री सेल्सियस तक तापमान और 80 फीसद से ज्यादा ह्यूमिडिटी की जरूरत होती है। बारिश के बाद तापमान में गिरावट से अब डेंगू मच्छर की जिदगी की उल्टी गिनती शुरू हो जाती है। इस दौरान डेंगू का मच्छर खुले के बजाय घरों के कमरों में पनपने लगता है। 18 डिग्री सेल्सियस से कम तापमान होने पर अंडे से लेकर डेंगू मच्छर बनने की समय अवधि सात से बढ़कर 14 दिन तक पहुंच जाती है। इसके बाद उसका वार करने की क्षमता तकरीबन खत्म हो जाती है। एपिडेमियोलाजिस्ट डा. अदित्यपाल सिंह का कहना है कि ठंड के कारण बाहर तो नहीं, लेकिन घरों के अंदर डेंगू के पनपने के लिए तापमान पर्याप्त है। इसके लिए लोगों को सजग रहने की जरूरत है। बारिश से बीमारियों का कम हुआ खतरा

जिला टीबी अधिकारी डा. राजीव शर्मा का कहना है कि बारिश के बाद काफी हद तक बीमारियों से राहत मिलती है। बारिश की वजह से हवा में अटके बीमारी फैलने वाले कण धुलकर मिट्टी में मिल जाते हैं। पराली जलाने की वजह से हवा में अटके कार्बन के कण मिट्टी में घुल चुके हैं। इसकी वजह से बुखार, खांसी, नजला, जुकाम व एलर्जी जैसी बीमारियां भी कम हो जाती हैं।

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