जेएनएन, जालंधर। गड़बड़ी की आशंका को लेकर नगर निगम की विला एवं ठेका कमेटी (एफएंडसीसी) ने ट्यूबवेल ऑपरेशन एंड मेटिनेस के सात टेंडर रद कर दिए हैं। ये टेंडर दोबारा लगाने के निर्देश दिए गए हैं। करीब 495 ट्यूबवेल को चलाने और रखरखाव के लिए 11 टेंडर लगाए थे। सभी टेंडर एक ही कंपनी को अलॉट कर दिए गए थे। टेंडर जारी करने के लिए जरूरी है कि कम से कम तीन ठेकेदारों ने टेंडर भरा हो। उल्लेखनीय है कि 11 में से 6 टेंडर के लिए एक ही ठेकेदार ने बोली दी थी और एक टेंडर के लिए दो ठेकेदार आए थे। कमेटी का एजेंडा जारी होने के बाद इस प्रस्ताव पर दैनिक जागरण ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। सिंगल टेंडर जारी करने पर स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिद्धू ने रोक लगा रखी है। सिगल टेंडर जारी करने पर पंजाब में कई अफसर सस्पेंड किए गए थे।

शुक्रवार को मीटिग में जब ये प्रस्ताव आया तो मेयर ने अफसरों से रिपोर्ट ली और पूछा जब सिगल टेंडर पर रोक है तो करोड़ों के काम क्यों दिए जा रहे हैं। मेयर जगदीश राजा ने तीन से कम ठेकेदारों के भरे गए सात टेडरों पर रोक लगा दी और निर्देश दिया कि 3.87 करोड़ के ये टेंडर दोबारा लगाए जाएं। इन 7 जोन में ट्यूबवेल का पिछला ठेका ही अगले तीन महीने के लिए बढ़ा दिया गया है। डिप्टी मेयर हरसिमरनजीत सिंह ने भी एजेंडा जारी होने पर कहा था कि वह मीटिंग में सिगल टेंडर जारी करने के प्रस्ताव पर अफसरों से रिपोर्ट लेंगे।मीटिंग में नगर निगम कमिश्नर दीपर्वा लाकड़ा, सीनियर डिप्टी मेयर सुरिदर कौर, पार्षद ज्ञान चंद, पार्षद गुरविदर सिंह बंटी नीलकंठ, एसई अश्विनी चौधरी, एसई रजनीश डोगरा, एसई किशोर चंद बांसल, एक्सईएन सतिदर कुमार, जोगिदर सिंह, राहुल धवन मौजूद रहे।

रोड रोलर खराब, ड्राइवरों को मिल रहा वेतन

मीटिंग में सीवर जेटिग, रोड रोलर, क्रेन ऑपरेटर और पानी का छिड़काव करने वाली मशीनो के ड्राइवरों का कांट्रेक्ट बढ़ाने का प्रस्ताव आया तो इस पर भी रोक लगा दी गई। सवाल उठा कि अगर रोड रोलर खराब है तो ड्राइवरों को क्यों रखा है। रोड रोलर के दो ड्राइवरों का 31 मार्च से कांट्रेक्ट खत्म करने के आदेश दिए हैं। पानी का छिड़काव करने का मौका तो साल में 10 दिन ही आता है तो साल भर के लिए ड्राइवर क्यों रखे जा रहे हैं।

गाडि़यां धोने के लिए स्टाफ रखने पर सवाल

मेयर ने प्रस्ताव नंबर 57 पर भी सवाल उठाया कि अगर लम्मा पिड चौक में निगम की वर्कशॉप का ट्यूबवेल ही खराब है तो गाडि़यों को धोने के लिए 13.88 लाख में गाडि़यां धोने के लिए वाशिग मैन क्यों रखे जा रहे हैं। अगर गाडि़यां बाहर से रिपेयर करवाई जा रही हैं तो टायरमैन रखने की भी क्या जरूरत है। कमिश्नर दीपर्वा लाकड़ा को इसकी जांच दी गई और तब तक इस प्रस्ताव को पेंडिग कर दिया है।

सीएफसी सेंटरों के ठेकेदार का काम एक माह के लिए बढ़ाया

मीटिंग में निगम के सीएफसी सेंटरो को चलाने का काम कर रही कंपनी का ठेका सिर्फ एक महीने के लिए बढ़ाया गया है। इससे निगम को नुकसान की आशंका है। सीएफसी सेंटर शुरू होने से निगम का रेवेन्यू बढ़ा है। दो साल में सीएफसी सेंटरों पर 5.83 लाख लोग गए और करीब 110 करोड़ रुपये निगम की कलेक्शन हुई। निगम यह सीएफसी सेंटर खुद चलाने की सोच रहा है।

वर्दियों के लिए 15 साल से गोदाम में पड़ा कपड़ा इस्तेमाल होगा

मीटिंग में फायर बिग्रेड स्टाफ को वर्दियां जारी करने का प्रस्ताव था ,लेकिन कमिशनर ने इसे रोक दिया है। कहा कि गोदाम में 15 साल से 900 मीटर कपड़ा पड़ा है। यह कपड़ा ठीक हालत में है। वर्दियों के लिए कैश देने की बजाय अब कपड़ा दिया जाएगा।

16 ट्रैफिक लाइटों के रख-रखाव का प्रस्ताव भी लंबित

मीटिंग में प्रस्ताव रखा था कि 16 ट्रैफिक सिग्नल के रख-रखाव का ठेका 21.11 लाख में दिया जाए, लेकिन इसे भी लंबित कर दिया गया है। इस पर अगली मीटिंग में चर्चा होगी। इससे पहले ये रिपोर्ट मांगी है कि पिछले ठेके के दौरान जितने समय के लिए लाइटें बंद रहीं, उतने समय के दौरान ठेकेदार पर जुर्माना लगाया है या नहीं। अगर यह शर्त पिछले टेंडर में शामिल नही थी तो इस बार शामिल किया जाएगा। उधर, कूड़ा उठाने के लिए 10 छोटे टेपो की फैबरिकेशन के लिए सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर, पार्षद ज्ञान चंद और गुरविदर सिंह बंटी नीलकंठ की एक कमेटी बना दी है।

12 टयूबवैल लगेंगे, 30 सड़को, सीवरेज, पानी के काम को मंजूरी

मीटिंग में 12 ट्यूबवेल लगाने, 30 सड़कों, 8 वार्डो में रख-रखाव, सुपरसक्शन मशीन, डॉग पांड के लिए चिकित्सा उपकरण के काम मंजूर कर लिए हैं। पानी सप्लाई की पुरानी पाइपों को बदलने के लिए एक टेंडर 8.36 करोड़ में मंजूर किया है। इसके दो टेंडर अभी प्रोसेस में हैं।

यहां लगाए जाएंगे ट्यूबवेल

कीर्ती नगर, गोपाल नगर, प्रताप बाग, फगवाड़ा गेट, हरगोबिद नगर, न्यू गौतम नगर, वरियाणा डंप, अवतार नगर, शास्त्री नगर, डीसी नगर, तरखाना मोहल्ला, बस्ती शेख, लम्मा पिड चौक वर्कशाप। वही, रेरू गांव में ट्यूबवेल न लगाने पर अमृतसर के ठेकेदार नव भारत कोऑपरेटिव सोसायटी को दो साल के लिए बाहर कर दिया है। ये भी फैसला लिया है कि इस ठेका कंपनी पर अब हाउस में ही फैसला लिया जा सकेगा।

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