जागरण संवाददाता, जालंधर : गुरु नानकपुरा वेस्ट की तरफ रेल लाइन पार कर शाटकर्ट बंद कर हादसों को रोकने के लिए रेलवे ने कंक्रीट की दीवार खड़ी करनी शुरू की है। दीवार लगभग छह से साढ़े छह फीट ऊंची होगी और तीन फीट के करीब जमीन के नीचे। दीवार खड़ी करने के कारण गुरु नानकपुरा वेस्ट एरिया में बने मकानों के साथ कहीं तीन से साढ़े तीन फीट का फासला बचता है और कहीं पांच फीट का। अधिकतर लोगों ने रेलवे लाइनों की तरफ दरवाजे व खिड़कियां बनाई हुई हैं जिस वजह से उन्हें भविष्य में दिक्कतें होंगी।

ऐसे में रेलवे अधिकारियों की तरफ से उन्हें पहले ही चेतावनी दे दी गई है कि वे अपना पहले ही प्रबंध कर लें, ताकि उन्हें दीवार खड़ी होने के बाद कोई दिक्कत न आए। कई लोगों ने रेलवे की जमीन पर गार्डनिग की हुई है, उन्हें भी पौधों को हटाने के लिए कह दिया गया है।

बता दें कि रेलवे की तरफ से यह दीवार रेल लाइन पार करते समय होने वाले हादसों को रोकने व ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। रेल लाइन के किनारे बसे इलाके को लोगों की तरफ से पेड़-पौधे लगा दिये जाते हैं, जिससे ट्रेन ड्राइवर को दूर से ही सिग्नल की विजिबिलिटी क्लियर नहीं होती। उससे ट्रेन की रफ्तार भी सीमित रखनी पड़ती है। इन सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जालंधर कैंट स्टेशन पीएपी फ्लाईओवर के नीचे तक पहले ही दीवार खड़ी कर दी गई थी। अब फ्लाईओवर से आगे से शुरू करके गुरु नानक पुरा ईस्ट और गुरु नानक वेस्ट की तरफ दीवार बनाई जा रही है।

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