जागरण संवाददाता, जालंधर : ठंड का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। तापमान में रोजाना गिरावट का सिलसिला जारी है। इससे ठिठुरन बढ़ती जा रही है। खून तक जमा देने वाली ठंड के बीच लोगों का घरों से बाहर निकलना दूभर हो गया है। यही कारण है कि शहर के अति व्यस्त रहने वाले बाजारों में खरीदार कम ही पहुंच रहे हैं। मंगलवार को दिन भर अधिकतम तापमान 12.1 व न्यूनतम तापमान 8.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले कई दिनों तक मौसम यथावत रहने की संभावना जताई गई है। वीकेंड पर बारिश के आसार हैं।

फिलहाल लोगों को ठंड से निजात मिलने वाली नहीं है। उधर, सुबह व रात को धुंध का कहर भी बढ़ रहा है। शहर के रैनक बाजार, शेखां बाजार, अटारी बाजार, कलां बाजार, पंजपीर चौक, पीर बोदला बाजार सहित जिन इलाकों में तिल रखने की जगह नहीं बचती थी, वहां पर दिन बाजार सूने रहे। वहीं, ठंड से बचने के लिए दुकानदार भी अलाव जलाकर सेंकते नजर आए। इस बारे में मौसम विशेषज्ञ डा. वीनित शर्मा बताते हैं कि पश्चिमी विक्षोभ के अलावा ठंड के लिए ला नीना का प्रभाव होना भी कारण है। उन्होंने कहा कि ठंड का संबंध प्रशांत महासागर की समुद्री सतह के तापमान में होने वाले बदलावों से है। इसका प्रभाव दुनिया भर में मौसम पर पड़ता है। वहीं, उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के साथ ला नीना के कारण ठंड बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि वीकेंड पर बारिश की संभावना है। उन्होंने कहा कि अभी अगले सप्ताह तक ठंड झेलनी पड़ेगी।

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