जालंधर, जेएनएन। पुलिस प्रशासन की ओर से शहर में चाइनीज डोर नहीं बिकने देने के दावों की धज्जियां उड़ती नजर आ रही हैं। सोमवार को दोमोरिया पुल पर अपने अंकल के साथ स्कूटर पर जा रहे गुरु नानक पुरा निवासी आकाश की तीन अंगुलियां चाइनीज डोर से कट गईं। एक अंगुली पर तो टंके लगाने पड़े। हाथ पर पट्टियां बांध कर डाक्टर के क्लिनिक से बाहर निकल रहे आकाश की हालत बता रही थी कि पुलिस बेबस है और शहर में चाइनीज डोर धड़ल्ले से बिक रही है और इस्तेमाल भी हो रही है।

सोमवार दोपहर को बारिश रुकने के दौरान आकाश अपने अंकल के साथ दोमोरिया पुल के फ्लाईओवर के ऊपर से निकल रहा था। इस दौरान वहां पर लटक रही चाइनीज डोर उसके अंकल के गले में लिपट गई। जैकेट और हेलमेट पहने होने के कारण उनका तो बचाव हो गया लेकिन उनके पीछे बैठे आकाश से डोर लिपट गई। आकाश ने अपने हाथों से डोर को छुड़ाना चाहा तो डोर ने उसकी तीन अंगुलियां ही चीर दीं। उसे तुरंत गुरु नानकपुरा के वालिया क्लिनिक मे ले जाया गया। बच्चे का इलाज करने वाले डा. मुकेश वालिया ने बताया की बीच वाली अंगुली में गहरा कट होने से टांके लगाने पड़े। शेष दो अंगुलियों में जख्म गहरे नहीं थे जिसके चलते पट्टियां बांध कर उसे भेज दिया गया।

मैंने तो कभी चाइनीज डोर नहीं पकड़ी, तो मेरे घायल होने में दोषी कौन?

चाइनीज डोर से घायल हुए आकाश का कहना था कि वह चाइनीज डोर से पतंग नहीं उड़ाता और न ही कभी ऐसी डोर खरीदी है। उसका कहना था कि इसके बावजूद वो घायल हुआ तो इसमें किसका कसूर है। किसके खिलाफ शिकायत की जाए।

पहले भी एक युवक की कट गई थीं अंगुलियां

यह पहला मौका नहीं है जब चाइनीज डोर ने किसी को अपना शिकार बनाया हो। कुछ दिन पहले भी बशीरपुरा निवासी रवि शर्मा चाइना डोर की चपेट में आ गया था जिससे उसकी अंगुलियां कट गई थीं।

दुकानों की बजाय बीच सड़क हो रही चाइनीज डोर की बिक्री

चाइनीज डोर की बिक्री करने के लिए दुकानदारों ने एक खास नेटवर्क तैयार किया है। इसकी बिक्री दुकान की बजाये आसपास के इलाकों में गुप्त ढंग से सड़कों पर की जा रही है। शहर में गुरु बाजार, शेखां बाजार, अली मोहल्ला, इमाम नासिर, गुड़ मंडी, चरणजीतपुरा, बस्ती गुजां अड्डा व लाडोवाली रोड रेलवे फाटक के पास इसकी बिक्री की जा रही है।

मामूली धारा के कारण नहीं लग पा रही रोक

बड़ी समस्या यह है कि चाइनीज डोर बेचने वालों को पकड़ा भी जाता है तो आइपीसी की धारा 188 के तहत मामला दर्ज होता है। अदालत में आरोप साबित होने पर महज एक महीने की सजा और दो सौ रुपये जुर्माना होता है, जिससे सभी के हौसले बुलंद रहते हैं।

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