जालंधर, जेएनएन। फिरोजपुर रेल मंडल के अधीन आते जालंधर रेलवे पावर हाउस से जुड़े एक मामले में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआइ) ने शुक्रवार को दबिश दी। सीबीआइ की यह रेड चार साल पहले रेलवे व कॉलोनियों में डाली गई तार (ओवरहेड वायर) और एलईडी से जुड़ी हुई बताई जा रही हैं। इसमें दो ठेकेदारों का आपस में विवाद हो गया था। इसके बाद एक ठेकेदार ने सारे मामले की शिकायत विजिलेंस को दी थी। तब विजिलेंस की तरफ से इसकी जांच शुरू कर दी थी। कुछ समय बाद सारा मामला सीबीआइ को सौंप दिया गया था।

सीबीआई की टीम ने शुक्रवार को पावर हाउस में साल 2015 में सीनियर सेक्शन इंजीनियर( एसएसई) भुवनेश के कार्यकाल में खरीदी गई करोड़ों रुपये की तार को लेकर पूछताछ की। टीम ने खरीद से जुड़ा सारा कंप्यूटर का रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले लिया है। सीनियर सेक्शन इंजीनियर भुवनेश अभी भी मौजूदा समय में सेवाएं दे रहे हैं, इसलिए टीम करीब दफ्तर में दोपहर 3 बजे तक उनके साथ साथ अन्य कर्मचारियों से पूछताछ करके जानकारी जुटाई। बताया यह भी जा रहा है कि इस फ्रॉड को लेकर कई अन्य अधिकारियों के नाम जुड़ सकते हैं।

अधिकारियों ने साथी चुप्पी

दूसरी तरफ इस मामले को लेकर पावर हाउस के अधिकारी भी खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं। हालांकि उनका दबी जुबान में यही कहना है कि टीम आई थी और पुराने मामले से जुड़े रिकॉर्ड को लेकर गई है। एसएसई भुवनेश ने माना कि वर्ष 2015 में तारों की खरीद उन्हीं के समय हुई थी और सीबीआई संबंधित रिकॉर्ड ले गई है।

 

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Posted By: Pankaj Dwivedi

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