तरनतारन [धर्मवीर सिंह मल्हार]। असलाम-ए-वालेकुम, कैसा मिजाज है, घर पर सब खैरियत है, कहां से बोल रहे हैं आप... यह अल्फाज सुन-सुनकर सीमांत क्षेत्र के लोगों के कान पक चुके हैं। दरअसल, सीमांत क्षेत्र से संबंधित लोगों को पाकिस्तान से अक्सर ऐसी फोन कॉल आती हैं। कई लोग तो इन कॉल्स को किसी भ्रम में सुन लेते हैं। पुलिस को भी इस बारे में जानकारी है, लेकिन इसकी जांच नहीं बढ़ रही। नतीजा यह है कि सीमांत क्षेत्र के किसान लालच में आकर तस्करी के धंधे से जुड़ने लगे हैं। पाक की फोन कॉल का सिलसिला लंबे समय से चल रहा है। छह माह से ऐसी कॉल अधिक आने लगी हैं। अक्सर रात को जब लोग सो रहे होते हैं तो यह कॉल आती है।

कस्बा झब्बाल निवासी जगदेव सिंह ने पुलिस को एक ऐसी ही शिकायत दी है। उसने बताया कि जब इस नंबर से कॉल आई तो पाकिस्तान का कोड देख हैरान रह गया। कॉल गलती से रिसीव तो कर ली, लेकिन बाद में पता चला कि पाकिस्तान में न तो उसका कोई रिश्तेदार है और न ही पहचान वाला। इसके बाद तुरंत लिखित शिकायत पुलिस को दी। ऐसा ही कुछ सिधवां निवासी सविंदर सिंह से हुआ। इसमें कॉल करने वाले ने उसकी खैरियत पूछते यह भी पूछा कि घर पर सब ठीक है। कॉल करने वाला घर के आर्थिक हालात बेहतर बनाने के लिए सविंदर सिंह को कोई प्लान बताने वाला था कि उसने घबराकर फोन काट दिया।

खेमकरण व बीकानेर के लोगों को दिया जा रहा लालच

किसान शिंगारा सिंह की शिकायत की पुलिस जांच कर रही है। ख़ुफिया एजेंसी की मानें तो पाकिस्तान समझता है कि पंजाब और राजस्थान का बार्डर भारत विरोधी सरगर्मी के लिए वरदान साबित हो सकता है। पंजाब का सेक्टर खेमकरण और राजस्थान का बीकानेर क्षेत्र पिछड़ा होने के कारण यहां के लोगों को लालच में लाने के लिए अक्सर कॉल आने लगी हैं। इससे सीमांत लोगों में खौफ है कि कहीं वे भारतीय जांच या सुरक्षा एजेंसियों के घेरे में न आ जाएं।

शिकायत मिलते ही करवाते हैं जांच : एसपी वालिया

एसपी जगजीत सिंह वालिया कहते हैं कि यदि किसी को पाकिस्तान से फोन कॉल आती है तो इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दी जाए, क्योंकि ये मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। पुलिस को लोग जब भी पाकिस्तान से कॉल आने की शिकायत करते हैं तो उसकी जांच होती है। इसकी रिपोर्ट उच्चस्तर तक भी जाती है। उन्होंने माना कि पाक में बैठे तस्कर अपना नेटवर्क चलाने के लिए पाक सिम भी भारत भेजते हैं।

पाक सिम से तस्करी का नेटवर्क

सीमा पर तैनात बीएसएफ द्वारा जब भी पाक से भेजे मादक पदार्थो, फर्जी करंसी या असलहा की खेप बरामद की जाती रही हैं, उस समय पाक सिम कार्ड भी मिलते हैं। पंजाब पुलिस, बीएसएफ और ख़ुफिया एजेंसी भी यह मानती है कि बार्डर से जुड़े लोग पाक में बैठे तस्करों के झांसे में आ जाते हैं और इन पाक सिम से नेटवर्क चलाया जा रहा है।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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