जेएनएन, जालंधर। होटल व्‍यवसायी और समाजसेवी डॉ. एसपी ओबरॉय ने हत्‍या के दो मामलों में खाड़ी से 15 पंजाबी नौजवानों सहित 16 लोगों को बचाया है। बचाया गया एक युवक बिहार का है। दुबई में एक पाकिस्तानी नागरिक और एक भारतीय की हत्‍या के मामलों  इन लोगाें को फांसी की सजा हुई थी। उन्‍होंने अभी पाकिस्तानी नागरिक की हत्या के मामले में फांसी की सजा का सामना कर रहे 11 भारतीयों की जान 50 लाख रुपये ब्लड मनी देकर बचाई है। इलमें से 10 युवा हाल ही में वतन लौटे हैं। सभी को उनके परिजनों तक सकुशल पहुंचा दिया गया है। एक व्‍यक्ति जल्‍द ही वहां से आ जाएगा। इससे पहले पंजाब के चार और बिहार के एक युवक कोे वहां से बचाकर लाया गया था।

एक की जल्‍द होगी वापसी, पांच पंजाबी युवक पहले बचाकर लाए गए थे

सरबत दा भला चेरिटेबल ट्रस्ट के प्रधान डॉ. एसपी सिंह ओबरॉय ने बचाए गए भारतीय युवकों के साथ यहां प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि ताजा मामले में 11 भारतीयों को बचाया गया है। दस युवक भारत आ चुके हैं जबकि एक युवक की वापसी अगले कुछ दिनों में होगी।

डॉ. ओबरॉय ने बताया कि इससे पहले भी उनकी संस्था ने पांच युवकों को बचाया है। दुबई के शारजाह में नवंबर 2011 में यूपी के जिला आजमगढ़ के गांव शेखापुरा के 38 वर्षीय युवक वीरेन्द्र चौहान का कत्ल हो गया था। इसमें छपरा (बिहार) निवासी धर्मेन्द्र कुमार, पंजाब के युवकों में हरविंदर सिंह अमृतसर, नवांशहर के रंजीत सिंह, माहिलपुर (होशियारपुर) के दलविंदर सिंह व जस्सोमाजरा (पटियाला) के सुच्चा सिंह को दोषी करार दिया गया था। इन सभी को उन्होंने 21 लाख रुपये ब्लड मनी देकर बचाया था।

दूसरा मामला अलएन शहर में जुलाई 2015 में मारे गए पेशावर (पाकिस्तान) निवासी मुहम्मद फरहान का था, जिसमें 11 पंजाबी युवकों को दोषी मानते हुए अलएन अदालत ने 2016 को फांसी की सजा सुनाई थी। इनमें ठीकरीवाल (बरनाला) के सतमिंदर सिंह, नवांशहर का चंद्रशेखर, मालेरकोटला (संगरूर) का चमकौर सिंह, लुधियाना का कुलविंदर सिंह, गांव चौलांग का बलविंदर सिंह, समराला का धर्मवीर सिंह, मोहाली का हरजिंदर सिंह, मुध (अमृतसर) का तरसेम सिंह, पटियाला का गुरमीत सिंह, गुरदासपुर का जगजीत और तरनतारन का कुलदीप सिंह शामिल था।

ये सभी हाल ही में भारत पहुंचे  हैं। डॉ.ओबरॉय ने बताया कि 2011 के बाद से ट्रस्ट ने 93 भारतीयों को 20 करोड़ रुपये खर्च कर बचाया है। यूपी के जिला आजमगढ़ में रहने वाले 38 वर्षीय युवक वीरेंद्र चौहान की हत्या के मामले ही 21 लाख और पाकिस्तानी नागरिक मोहम्मद फरहान के कत्ल के मामले में 50 लाख रुपये ब्लड मनी दी गई है।

विदेश जाने से पहले संस्था से करें संपर्क

डॉ. ओबरॉय ने कहा कि उनकी संस्था खाड़ी देशों में जाने वाले युवकों की मदद कर सकती है। यदि उनका वीजा लगा है, नौकरी भी मिल रही है तो उनकी संस्था से संपर्क करें। पता लगा कर बताया जाएगा कि कंपनी सही है या बोगस है। इसके एवज में किसी से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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