जागरण संवाददाता, जालंधर। जालंधर में बीएड टेट पास अध्यापक यूनियन की तरफ से शुक्रवार को शिक्षा मंत्री परगट सिंह की कोठी घेरने के बावजूद भी अभी तक कोई कार्यवाही ना होने पर अध्यापकों का गुस्सा शांत नहीं हो पाया है। यही कारण है कि अब वे अपने संघर्ष को और भी पहले से तेज करने के लिए रणनीति बना रहे हैं ताकि वह आर पार की लड़ाई लड़ सके। अध्यापकों की रोष का यह भी कारण है कि अपने इन 17 दिनों के संघर्ष में मुख्यमंत्री के साथ-साथ शिक्षा मंत्री के साथ दो बार मुलाकात कर अपने संघर्ष को कुछ पलों के लिए शांत कर चुके हैं क्योंकि इन मुलाकात में उन्हें जल्द कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया था। मगर सरकार के केवल खोखले वादों की वजह से अध्यापकों में निरंतर रोष बढ़ रहा है क्योंकि आने वाले समय में तो कोड ऑफ कंडक्ट लागू हो जाएगा और उसके बाद फिर से उनकी मांगे रह जाएंगी। अगर सरकार ने अब जल्द से जल्द कोई उनके पदों संबंधी नोटिफिकेशन जारी करने का आदेश जारी नहीं किया तो वह कड़ा संघर्ष करने के लिए मजबूर होंगे।

इस दौरान होने वाली किसी प्रकार की भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी खुद सरकार और प्रशासन की होगी। उनके दो साथी जसवंत और मनीष निरंतर जरनल बस अड्डा पानी की टंकी पर 28 अक्टूबर से प्रदर्शन कर रहे हैं जबकि रोजाना की लड़ी में 5-5 साथी एक-एक दिन की भूख हड़ताल पर बैठ रहे हैं। अध्यापकों की मांग है कि जब तक राज्य सरकार की तरफ से एसएसटी, पंजाबी और हिंदी विषय की 9000 पोस्टों संबंधी नोटिवेशन जारी नहीं किया जाता उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।

अध्यापक साथी लीडरों का कहना है कि वह तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक उनकी मांगों को लेकर कोई कार्रवाई संबंधी सरकार की तरफ से स्टेप आगे नहीं बढ़ाया जाता क्योंकि मुलाकात तो कई बार पहले भी की जा चुकी हैं और कई बार आश्वासन भी दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद सरकार की तरफ से कोई भी कदम आगे नहीं बढ़ाया गया। यही कारण है कि वे रोष स्वरुप इस प्रदर्शन स्थल से तब तक नहीं उठेंगे जब तक कोई कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई जाती।

मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के जालंधर दौरे के दौरान भी यूनियन के सदस्यों ने प्रदर्शन किया था और तब जाकर प्रशासन की तरफ से हेलीपैड में उनकी मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात करवाई थी। तब उन्होंने जल्द से जल्द कार्य करने संबंधी आश्वासन दिया था। उसके बावजूद अभी तक कोई भी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई गई। फिर यूनियन की तरफ से दीपावली के दिन शिक्षा मंत्री व कैबिनेट मंत्री परगट सिंह के घर के बाहर प्रदर्शन करके काली दिवाली के रूप में अपना रोष जाहिर किया। तब जाकर शिक्षा मंत्री की तरफ से भी आश्वासन दिया था कि वह भी जल्द से जल्द इस संबंध में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के साथ बैठक कर उनकी मांगों संबंधी कोई न कोई कार्रवाई करेंगे। इसके बावजूद अभी तक कार्रवाई को लेकर सरकार की तरफ से एक कदम भी फाइल ना तो शुरू की गई और ना ही आगे बढ़ाई गई।

Edited By: Vinay Kumar