जागरण संवाददाता, जालंधर : इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के प्रशासक और नगर निगम कमिश्नर दीपर्वा लाकड़ा ने संकेत दे दिए हैं कि ट्रस्ट में रिश्वतखोरी के मामले में ऑडियो में अगर महिला अधिकारी के रिश्वत मांगने की बात सही पाई जाती है तो कार्रवाई तय है। इस बीच ट्रस्ट के भ्रष्टाचार के एक और मामला विजिलेंस के पास पहुंच गया है। अहमदाबाद में बैंक अधिकारी जगदीश भगत की बहन ने भी विजिलेंस ब्यूरो में लिखित शिकायत देकर ट्रस्ट के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार में लिफ्त होने का आरोप लगाया है।

सूर्या एंक्लेव में भगत का प्लॉट नं 522 बी है। नक्शा पास कराने के बाद जनवरी में उन्होंने एनओसी के लिए अप्लाई किया था। तब से ट्रस्ट के चक्कर लगा रहे हैं। पैरवी के लिए अहमदाबाद से यहां आना पड़ता है। पहले मुलाजिमों ने उनकी फाइल गायब कर दी। तब से लेकर अब तक ईओ सु¨रदर कुमारी रोजाना एक-एक दिन की मोहलत मांगती आ रही हैं, लेकिन न तो फाइल गायब करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की और न ही उन पर केस दर्ज करवाया।

ट्रस्ट प्रशासक स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई करें : सनी शर्मा

इधर, सूर्या वेलफेयर सोसायटी के महासचिव व जिला कांग्रेस कमेटी शहरी के महासचिव सनी शर्मा ने भी ईओ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सनी ने कहा कि ईओ ये दावा कर रही हैं कि उनके पास फाइलें लंबित नहीं रहती हैं। सैकड़ों लंबित फाइलों के सबूत के साथ जल्द ही वे निकाय विभाग के शीर्ष अधिकारियों से मिलकर उनके इस दावे की पोल खोलेंगे। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के प्रशासक व नगर निगम कमिश्नर दीपर्वा लाकड़ा इस मामले में स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई करें। जो महिला अधिकारी ऑडियो में खुद रिश्वत मांग रही है, उसके विश्वास पर ट्रस्ट को कैसे छोड़ा जा सकता है। आरोपित अधिकारी जितने दिन कुर्सी पर रहेगी, रिश्वत के सबूत मिटाने की कोशिश होगी।

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ऑडियो में खुद अपने लिए रिश्वत मांगने की बात मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर ऑडियो मुझे मिलती है तो उसकी सत्यता का पता लगाकर निश्चित रूप से कार्रवाई होगी। किसी भी दागी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। मैं आज चंडीगढ़ जा रहा हूं। इस मुद्दे पर वरिष्ठ अधिकारियों से बात करूंगा। जो भी संभव कार्रवाई होगी, की जाएगी।

-दीपर्वा लाकड़ा, प्रशासक, इंप्रूवमेंट ट्रस्ट।

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खुली ईओ के फाइलें पेंडिंग नहीं होने के दावे की पोल

इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की ईओ सु¨रदर कुमारी के दफ्तर में कोई फाइल लंबित नहीं होने का दावा खोखला निकला है। ट्रस्ट की बीबी भानी (कालिया कॉलोनी) योजना की आवंटी परमजीत कौर मार्च से पति के नाम आवंटित फ्लैट अपने नाम ट्रांसफर कराने के लिए ट्रस्ट के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। न्यूरो सर्जरी के बाद जिस मुश्किल से परमजीत के पति ट्रस्ट के ऑफिस पहुंचते हैं, उनकी हालत देख वहां मौजूद लोगों को उन पर तरस आ जाता है। हालांकि ट्रस्ट के मुलाजिमों व ईओ का दिल नहीं पसीजता। ट्रस्ट ने न तो उनके केस में कोई आपत्ति लगाई है न ही फाइल क्लीयर की जा रही है।

Posted By: Jagran