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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 10, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पंजाब में दो आइपीएस अफसरों की नियुक्ति पर आप विधायक कुंवर विजय ने जताई आपत्ति, फिर कर दी पोस्ट डिलीट

By Kamlesh BhattEdited By:
Published: Sun, 10 Apr 2022 03:32 PM (IST)Updated: Sun, 10 Apr 2022 08:16 PM (IST)

पूर्व आइपीएस व आम आदमी पार्टी के विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने दो आइपीएस अफसरों की नियुक्ति पर एतराज ...और पढ़ें

कुंवर विजय प्रताप सिंह की फाइल फोटो।
कुंवर विजय प्रताप सिंह की फाइल फोटो।

जेएनएन, अमृतसर/चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक पूर्व आइपीएस डा. कुंवर विजय प्रताप सिंह ने आइपीएस अधिकारी प्रबोध कुमार को विशेष डीजीपी इंटेलिजेंस और अरुण पाल सिंह को अमृतसर का पुलिस कमिश्नर लगाए जाने पर असहमति जताई है। उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट डालकर अपनी सरकार को इन नियुक्तियों पर दोबारा विचार करने की भी सलाह दी। हालांकि बाद में उन्होंने अपनी पोस्ट डिलीट कर दी।

कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पोस्ट में कहा कि सरकार ने उक्त दो अधिकारियों को नियुक्ति दी है। यह दोंनो अधिकारी बहिबल कलां और कोटकपुरा गोलीकांड में एसआइटी के उच्चाधिकारी थे। इन दो आइपीएएस अधिकारियों ने बड़े नेताओं को बचाने की पूरी कोशिश की थी। इस मामले में न्याय न मिलने में यह अधिकारी ही जिम्मेदार थे।

कुंवर विजय प्रताप ने पोस्ट में यह भी लिखा कि किसी को भी बेअदबी के मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए। जिन लोगों ने बेअदबी मुद्दे पर राजनीति की, उन्हें सर्वोत्तम अदालत द्वारा दंडित किया गया। श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने पंजाब के दो बड़े राजनीतिक परिवारों को दंडित किया, जो मेरे इस्तीफे से ईर्ष्या कर रहे थे। यह दोनों परिवार पंजाब राज्य के राजनीतिक मैदान पर कभी भी नहीं आएंगे। आम तौर पर लोगों को आप सरकार से बेअदबी मामले में न्याय की काफी उम्मीदे थी।

हालांकि बाद में कुंवर विजय प्रताप सिंह ने अपनी पोस्ट को डिलीट कर दिया। बाद में उन्होंने पोस्ट डाली कि उन्हें अपने आइजी के पद से इस्तीफा दिए हुए एक साल हो गया। बता दें शुक्रवार को पंजाब सरकार ने आइपीएस अधिकारियों के तबादले करते हुए प्रबोध कुमार को डीजीपी इंटेलिजेंस और अरुणपाल सिंह को पुलिस कमिश्नर अमृतसर नियुक्त किया था।

उल्लेखनीय है कि कुंवर विजय प्रताप सिंह भी बेअदबी मामले में एसआइटी अधिकारी थे। उन्होंने रिपोर्ट बनाकर पंजाब सरकार को सौंपी, लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की तरफ से कोई भी कार्रवाई न किए जाने के रोषस्वरूप उन्होंने 9 अप्रैल 2021 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था और आम आदमी पार्टी ज्वाइन कर ली। आप ने उन्हें हलका उत्तरी से विधानसभा चुनाव में उतारा। यहां उन्होंने जीत दर्ज की।

मुख्यमंत्री कुंवर विजय प्रताप के सवालों का जवाब दें: खैहरा

उधर, कांग्रेस के विधायक सुखपाल खैहरा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर उन्हीं की पार्टी के विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह द्वारा दो पुलिस अधिकारियों की नियुक्ति पर उठाए गए सवाल के जवाब में सरकार की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

खैहरा ने पत्र में मांग की है कि पंजाब का मुख्यमंत्री होने के नाते और गृह मामलों और न्याय विभाग का विभाग होने के नाते आपको उपरोक्त आरोपों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और साथ ही दोषी अधिकारियों को उनके वर्तमान कार्यभार से तुरंत स्थानांतरित करना चाहिए।