जालंधर, [सुक्रांत]। अफसोसजनक यह है कि दुष्कर्म के मामलों में ज्यादातर पीडि़त नाबालिग बच्चियां ही हैं। बहला-फुसलाकर या डरा-धमकाकर नाबालिग बच्चियों के साथ दुष्कर्म किया है। पुलिस ने इन मामलों के लगभग सभी आरोपित गिरफ्तार किए हैं। बड़ी बात है कि जिन आरोपितों को पुलिस ने अदालत में पेश किया, उनके खिलाफ आरोप भी साबित भी किए और उनको अदालत से सजा भी मिली।

अधिकतर घटनाएं स्लम इलाकों की

जालंधर में दुष्कर्म की अधिकतर वारदातें स्लम इलाकों में हुई हैं। यह घटनाएं ऐसे इलाकों में हुई हैं, जहां पर दूसरे राज्यों से आकर दिहाड़ी करने वाले लोग रहते हैं। इनमें भी ज्यादातर मामलों में नाबालिग ही शिकार बनी हैं।

रिश्ते भी हो चुके हैं तार तार

शहर में कुछ मामले ऐसे दर्ज हुए हैं, जिनमें रिश्ते तार-तार हुए हैं। किसी मामले में सौतेले पिता ने बेटी को शिकार बनाया, किसी में मामा (रिश्ते में) ने भांजी को, तो किसी मामले में चचेरे भाई ने अपनी बहन के साथ यह घिनौनी हरकत की। इन सभी मामलों में पुलिस ने केस दर्ज किए हैं।

ईवटीङ्क्षजग के भी दर्जन भर मामले दर्ज हैं

दुष्कर्म के साथ-साथ पुलिस ने ईवटीजिंग के मामले भी दर्ज किए हैं। लड़कियों के स्कूल-कॉलेज के बाहर खड़े पुलिस कर्मी, ऐसे लोगों पर नजर रखते हैं। थाना छह, थाना चार, थाना एक और थाना सात में ईवटीङ्क्षजग के करीब दर्जनभर मामले दर्ज हो चुके हैं।

दुष्कर्मी करने वाले को खुद सजा दे चुके हैं लोग

जालंधर में एक दुष्कर्म के मामले में लोगों ने भी अपना गुस्सा दिखाया है। थाना रामामंडी क्षेत्र में नौ साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपित को गुस्साई भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला था। दुष्कर्म के आरोपित व मृतक की पहचान बिहार के जिला पूर्णिया निवासी पप्पू कुमार (39) के रूप में हुई थी, जो पिछले सात सालों से दकोहा के दिनेश नगर में रह रहा था। पीडि़त बच्ची उसके कमरे के सामने ही अपने माता-पिता के साथ रहती थी।

दुष्कर्म करने वाले समाज के भी बड़े अपराधी हैं, जिन पर दया दिखाने जैसी कोई बात ही सामने नहीं आती। जालंधर पुलिस ऐसे लोगों के खिलाफ हमेशा से ही सख्त रही है। कोशिश यही रहती है कि ऐसे आरोपितों को सजा दिलाई जाए। भविष्य में भी ऐसा घिनौना काम करने वालों को नहीं बख्शा जाएगा।

- गुरमीत सिंह, डीसीपी।

Posted By: Sat Paul

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