जालंधर, जेएनएन। आयकर विभाग ने जालंधर और होशियारपुर के दो स्थानों पर सर्व किया था। इस दौरान दोनों प्रतिष्ठानों ने कुल 2.32 करोड़ की अतिरिक्त अघोषित आय सरेंडर की गई। विभाग ने 20 फरवरी को एक मिठाई और एक स्टील विक्रेता पर आयकर सर्वे शुरू किया था। सर्वे की कारवाई दिन भर चलती रही।

निरीक्षण के दौरान आयकर विभाग ने प्रतिष्ठानों की किताबों की गहन जांच की। इसमें आयकर अधिनियम के काफी खामियां पाई गई। इस वजह से इन प्रतिष्ठानों को काफी अघोषित आय का पता चला। उन्होंने कुल मिलाकर 2.32 करोड़ की आय सरेंडर की है। आयकर विभाग ने दोनों प्रतिष्ठानों को अघोषित अतिरिक्त आय का बनता आयकर 30 मार्च 2020 से पहले जमा करने का निर्देश दिया है।

विभाग के पास सूचना थी कि उपरोक्त प्रतिष्ठान अपनी आय के मुताबिक कर अदा नहीं कर रहे थे और प्रॉपर्टी वगैरह में निवेश कर रहे थे। उनकी तरफ से दिखाई जा रही आय उनके जीवन स्तर से मेल नहीं खा रही थी। आयकर सर्वे कर रही टीम में एमएस परमार आयकर आयुक्त, सीएम मीणा सहायक आयकर आयुक्त, तरसेम लाल, परविंदर सिंह, सुनील एरी, विशु देव, कमल किशोर और आयकर अधिकारी एवं निरीक्षक उपस्थित थे।

डॉ. सिम्मी गुप्ता, प्रधान आयकर आयुक्त एक जालंधर एवं होशियारपुर ने यह भी बताया कि 15 मार्च 2020 प्रत्येक व्यक्ति के लिए 2020-21 का एडवांस टैक्स जमा कराने की अंतिम तिथि है। व्यक्ति अपनी 2019-20 की आयकर विवरणी आगामी 31 मार्च 2020 तक ही भर सकता है, इसलिए सभी को अपना सही एवं पूरा एडवांस टैक्स आगामी 15 मार्च तक जमा कराने के लिए कहा गया है। जिन व्यक्तियों ने अब तक अपनी 2019-20 का आयकर विवरण नहीं भरा है। वह 31 मार्च 2020 तक अपने समूचे कर सहित अपना सही आयकर विवरण विभाग को दें।

विभाग की हर बड़े लेन-देन पर नजर

डॉ. सिम्मी गुप्ता ने कहा कि प्रत्येक उस व्यक्ति पर आयकर विभाग की नजर है, जो अपनी असल आय के अनुरूप सही कर जमा नहीं करा रहा है और जिसकी असल आय उसकी जीवन स्तर से मेल नहीं खाती है। विभाग हर बड़े लेन-देन पर नजर रखे हुए है, जिसमें व्यक्ति द्वारा प्रॉपर्टी, ज्वेलरी में किए जा रहे निवेश, लग्जरी कार, मोटरसाइकिल आदि की खरीद एवं भव्य शादी समारोह, पार्टी आदि शामिल हैं।

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