2030 हॉकी विश्व कप की मेजबानी के लिए पंजाब, ओडिसा और तमिलनाडु सबसे आगे, जल्द हो सकता है फैसला
पंजाब, ओडिसा और तमिलनाडु 2030 के पुरुष और महिला हॉकी विश्व कप की मेजबानी के लिए सबसे आगे हैं। हॉकी ...और पढ़ें

हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह।
HighLights
भारत 2030 हॉकी विश्व कप की मेजबानी का प्रबल दावेदार।
ओडिशा, पंजाब, तमिलनाडु मेजबानी की दौड़ में शामिल।
हॉकी इंडिया का लक्ष्य देश के हर कोने तक हॉकी।
डिजिटल डेस्क, जालंधर। भारत में साल 2030 में होने वाले पुरुष और महिला हॉकी विश्व कप की मेजबानी को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने शुक्रवार को एक साक्षात्कार में जानकारी दी। ओडिसा दो बार पुरुष विश्व कप की मेजबानी कर चुका है, जबकि तमिलनाडु ने पिछले साल चेन्नई और मदुरै में पुरुष जूनियर विश्व कप का आयोजन किया था।
भारतीय हॉकी की नर्सरी कहे जाने वाले पंजाब ने कभी इस मेगा इवेंट की मेजबानी नहीं की है। यह राज्य वर्तमान में पुरुषों की एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी कर रहा है, जो 17 वर्षों में इसका पहला अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट है। पंजाब द्वारा आयोजित आखिरी अंतरराष्ट्रीय हॉकी इवेंट 2009 में गोल्ड कप था।
भोला नाथ ने कहा-
ओडिसा, तमिलनाडु और पंजाब सभी इस रेस में हैं। अगर ओडिसा को हॉकी विश्व कप मिलता है, तो यह राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी। ओडिसा पहली पसंद होगा। मैं हवा में कोई बात नहीं करता। मैं झूठ बोलना नहीं जानता।
जबकि भारत ने चार बार पुरुष हॉकी विश्व कप की मेजबानी की है, उसने अभी महिला टूर्नामेंट की मेजबानी करनी है। हॉकी इंडिया के महासचिव ने कहा कि पदभार संभालने के बाद से उनका मुख्य ध्यान देश के हर कोने तक हॉकी को पहुंचाना रहा है।
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देश के हर कोने में है हॉकी
उन्होंने कहा कि वे देश के हर कोने तक हॉकी पहुंचाना चाहते हैं। तमिलनाडु ने कई ओलंपियन दिए हैं, और पिछले साल हम जूनियर विश्व कप वहां लेकर गए थे। पंजाब अब एक उदाहरण है। अब हम मध्य प्रदेश के भोपाल में महिला एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी ले जा रहे हैं।
मध्य प्रदेश में अब तक कोई अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट आयोजित नहीं हुआ है। महिला एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 19 से 28 नवंबर तक भोपाल में आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि देश के हर हिस्से में हॉकी ले जाने का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर के बुनियादी ढांचे का निर्माण करना है।
पंजाब की समृद्ध हॉकी विरासत का सम्मान
भोला नाथ ने कहा कि पंजाब को चल रही एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी के लिए इसलिए चुना गया क्योंकि इसकी समृद्ध हॉकी विरासत है और राष्ट्रीय टीम में राज्य से बड़ी संख्या में खिलाड़ी हैं। उन्होंने बताया कि जब वे हॉकी इंडिया का महासचिव बने, तो देखा कि टीम के अधिकांश खिलाड़ी पंजाब से थे। पंजाब के लड़कों से बात की, तो वे कहते थे कि वे दुनिया भर के देशों में खेल चुके हैं, लेकिन उनके माता-पिता ने उन्हें कभी कोई अंतरराष्ट्रीय मैच खेलते नहीं देखा था।
इसलिए, पंजाब में एक अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट आयोजित करना चाहता था। उन्होंने आगे कहा कि बातचीत चल रही थी, और एक दिन वे भगवंत सिंह मान से मिले और उनसे इस बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा कि वह तैयार हैं और इसे करेंगे।
विदाई टूर्नामेंट को लेकर खिलाड़ियों की राय
इस महीने की शुरुआत में साफ था कि चार वरिष्ठ खिलाड़ी्, मनदीप सिंह, जरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास और नीलकंता शर्मा, एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में अपने फेयरवेल टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए तैयार थे, क्योंकि राष्ट्रीय चयनकर्ता 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक से पहले एक सुचारू बदलाव सुनिश्चित करना चाहते थे।
जबकि नीलकंता पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि चल रहा टूर्नामेंट उनका आखिरी मैच होगा, मनदीप, जरमनप्रीत और रोहिदास ने खेलना जारी रखने की इच्छा व्यक्त की है। हालांकि, भोला नाथ ने कहा कि इसमें हॉकी इंडिया की कोई भूमिका नहीं है और चयन के मामलों में टीम प्रबंधन को पूरी छूट दी गई है।
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खिलाड़ियों के चयन पर स्थिति स्पष्ट
भोला नाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि वरिष्ठ खिलाड़ियों के संन्यास या टीम से बाहर होने का निर्णय हॉकी इंडिया का नहीं है। उन्होंने कहा कि चयन के मामलों में कोच, चयनकर्ताओं और कप्तान को पूरी छूट दी गई है। जो खिलाड़ी फिट और सक्षम हैं, वे टीम में खेलते रहेंगे।
उनका मुख्य लक्ष्य आगामी लॉस एंजिल्स ओलंपिक में देश के लिए पदक का रंग बदलना और कम से कम फाइनल खेलना है। इसके साथ ही, उन्होंने भारतीय महिला टीम के पोडियम पर रहने को लेकर भी पूरा भरोसा जताया।
(इनपुट- पीटीआई)
