सतीश कुमार होशियारपुर

यातायात जाम शहर की मुख्य समस्याओं में से एक है। लोग परेशान हैं और ट्रैफिक पुलिस केवल खानापूर्ति कर टाइम पास कर रही है। इसका मुख्य कारण अवैध पार्किंग व नियमों के उल्ट भारी वाहनों का दिन में बाजार में घुसना है। ट्रैफिक कमेटी ने नियम लागू किया है जिसके तहत सुबह आठ से शाम आठ बजे तक बड़े व कामर्शियल वाहन शहर में दाखिल नहीं हो सकते। इसे लेकर शुरू शुरू में ट्रैफिक पुलिस भी गंभीर थी लेकिन दिन बीतने साथ हालात पहले जैसे होते गए और अब आए दिन भारी वाहनों के बाजार में घुसते से ट्रैफिक समस्या पैदा होती है। इसके बावजूद ट्रैफिक पुलिस चौराहों में खड़ी सारा तमाशा देखती रहती है। यही नहीं, मुलाजिम समस्या का हल करने के बजाय चालान काटने में व्यस्त रहते हैं।

सबसे व्यस्त प्रभात चौक में सारा दिन समय बर्बाद

शहर के सबसे व्यस्त प्रभात चौक में सारा दिन जाम की स्थिति रहती है। वन वे पालिसी को दरकिनार कर जिसका जहां जाने का दिल करता है वह वही वाहन लेकर निकल पड़ता है और नतीजा ट्रैफिक जाम हो जाता है। यह एकमात्र चौक नहीं है। इसके अलावा सरकारी कालेज, सेशन चौक, कचहरी चौक में भारी वाहनों के कारण घंटों जाम लग रहा है।

घंटाघर चौक में तो बुरे हालात

हैरानी की बात तो यह है कि सिटी थाना के बाहर यानी घंटाघर चौक में सबसे बुरे हालात हैं। यहां आकर चिराग तले अंधेरे वाली कहावत सच होती है। मार्केट में सारा दिन जाम लगा रहता है। सबसे दिलचस्प बात तो यह है कि थाने के बाहर जाम लगा होने पर भी मुलाजिम समस्या को हल करना फर्ज नहीं समझ रहे।

वाहन चालकों पर कोई कार्रवाई नहीं

पहले शहर में भारी वाहनों के प्रवेश करते ही ट्रैफिक पुलिस की तरफ से चालान काट दिया जाता था मगर अब भारी वाहन चालक आराम से आते व जाते हैं। यही नहीं, लोग वाहनों को बीच सड़क खड़े करके शापिंग के लिए चले जाते है और पीछे से उन्हीं वाहनों के कारण ट्रैफिक जाम लग जाता है।

मौके पर करते हैं कार्रवाई

ट्रैफिक इंचार्ज इंस्पेक्टर बलविदर कुमार ने बताया कि यूं तो भारी वाहनों का दिन के समय बाजारों में प्रवेश बंद है, फिर भी किसी कारण कोई वाहन आ गया तो इसकी सूचना मिल जाती और कार्रवाई मौके पर होती है। इसके बाद भी ध्यान रखा जाएगा कि शहर में किसी प्रकार का कोई जाम न लगे।

Edited By: Jagran