संवाद सहयोगी, मुकेरियां : केंद्र सरकार किसानों से बातचीत करने को तैयार नहीं है, और बिना सरकार से बातचीत के आंदोलन खत्म करने का कोई प्लान नहीं है। उक्त बात शनिवार को किसान नेता राकेश टिकैत ने किसान नेता सुरजीत सिंह भट्टिया के निवास पर प्रेस वार्ता के दौरान कही।

वे आज मुकेरियां के गांव टांडा रामसहाय में कबड्डी टूर्नामेंट का उद्घाटन करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने अपने चहेतों को खुश करने के लिए जो तीन कानून पास किये थे वे ही रद किए हैं, जबकि हमारी मांगे तो अब भी बरकरार हैं। सरकार एमएसपी पर कानून लागू करें, इस संघर्ष के दौरान मारे गए किसानों को मुआवजा दिया जाए, किसानों पर दर्ज मामले बिना शर्त रद किए जाएं। इसके अलावा बिजली अमेंडमेंट बिल, सीड बिल, पेस्टीसाइड बिल, डेयरी फार्मिंग के लिए कानून तथा स्वामीनाथन रिपोर्ट को सरकार लागू करे। उन्होंने कहा कि देश में व्यापारी वर्ग बड़ी कंपनियां हैं जो अनाज पर कब्जा करना चाहती हैं। सरकार की कारपोरेट घरानों से सांठगांठ होने से एमएसपी पर कानून नहीं बनाया जा रहा। संयुक्त किसान मोर्चे द्वारा पार्टी बनाकर चुनाव पर पूछे गए सवाल का जबाब देते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि किसान न तो पार्टी बनाएंगे और न ही बनाना चाहते है बाकि संयुक्त मोर्चा जो भी फैसला करता है वह सभी के लिए मान्य है।

इस मौके सुरजीत सिंह भट्टियां ने अपने साथियों सहित सिरोपा भेंट कर उनका सम्मान किया। इस समय बार एसोसिएशन मुकेरियां के अध्यक्ष एडवोकेट हरप्रीत सिंह, विजय कुमार, जगदेव सिंह, सौरव मन्हास बिल्ला, सुरजीत सिंह बिल्ला समिंद्र सिंह, शाम सिंह शमा, अवतार सिंह बॉबी, बलजिदर सिंह, ओंकार सिंह, नानक सिंह, मोहिदर सिंह, सतनाम सिंह धनोआ निर्मल सिंह, करनैल सिंह, सुरिदर सिंह, निर्मल सिंह, दविदर सिंह, गुरदीप सिंह, परमजीत सिंह, मलकीत सिंह, इंद्रजीत सिंह, बलजीत सिंह नीता, हरजीत सिंह टीटा, जसविदर सिंह सोनी, बलजिदर सिंह चीमा, दिलावर सिंह, र्रघवीर सिंह, गुरविदर सिंह, गुरबख्श सिंह, तिरलोचन सिंह, रवेल सिंह, टेक सिंह, आसा सिंह, मास्टर स्वर्ण सिंह, मनप्रीत सिंह, हरपाल सिंह, दविदर सिंह, मास्टर जोध सिंह, नानक सिंह व अन्य मौजूद रहे।

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