संवाद सहयोगी, टांडा उड़मुड़ :

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को सरकारी कालेज के गेस्ट फेसिलिटी सहायक प्रोफेसरों ने मांग करते हुए सरकारी कालेजों के 962 गेस्ट फेकल्टी सहायक प्रोफेसरों की पालिसी को वित्त विभाग से पास करवाने की मांग की है। इस संबंध में सहायक प्रोफेसरों की ओर से राजकीय कालेज टांडा में की गई। बैठक दौरान रोष प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को कहा कि लंबे समय से इन अध्यापकों के साथ हो रहे आर्थिक शोषण पर नकेल डाली जाए। गेस्ट फेकल्टी सहायक प्रोफेसरों की इस पीड़ा को समझते हुए त्रिपत राजिदर सिंह बाजवा, पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री की ओर से बिना किसी भेदभाव से पार्ट टाइमर प्रोफेसरों को मिल रहे वेतन 53569 रुपये के बराबर गेस्ट फैकल्टी सहायक प्रोफेसरों को वेतन देने की पालिसी को पास करके वित्त विभाग को भेजी गई थी। वित्त विभाग की ओर से पिछले पांच महीनों से इस पालिसी को पास नहीं किया गया। उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी तथा मौजूदा शिक्षा मंत्री प्रगट सिंह से इंसाफ की मांग करते हुए कहा कि तुरंत उच्च शिक्षा विभाग की ओर से 962 गेस्ट फेकल्टी सहायक प्रोफेसरों को पार्ट-टाइम सहायक प्रोफेसरों का दर्जा देकर सम्मान वेतन देने की पालिसी वित्त विभाग से पास करवाया जाए, जिससे उनकी समस्यओं का समाधान किया जा सके।

इस मौके हरमेश सिंह, विनय कुमार, वरिदर कुमार, कुलविदर कौर, रजनीश कौर, इंदरजीत कौर, लवप्रीत कौर, अनिल, नवनीत कौर, अमनदीप कौर, सोनिया, सरबजीत सिंह, जसप्रीत, सरबजीत सिंह, अनिल विज, नवनीत कौर, अमनदीप कौर व अन्य उपस्थित थे।

Edited By: Jagran