जागरण टीम, होशियारपुर :

वर्ष 2020 में 17 सितंबर को में सितंबर माह में तीन कृषि सुधार कानून पास करके केंद्र की मोदी सरकार ने तानाशाही फरमान जारी कर दिया था। जिसके विरोध में किसानों लगातार धरना दिया जा रहा है। इस दिन को काले दिन के तौर पर मनाया जाएगा। तब तक यह काले कानून रद्द नहीं किए जाते तब तक संघर्ष जारी रहेगा। यह बात आम आदमी पार्टी के हलका इंचार्ज पार्षद ब्रह्माशंकर जिम्पा ने किसानी संघर्ष दौरान शहीद हुए किसानों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहे।

इस दौरान निकाले गए कैंडल मार्च की अगुवाई करते हुए पार्षद जिपा ने कहा कि इन कानूनों के लिए केंद्र सरकार, पंजाब सरकार तथा अकाली दल वाले पूरी तरह से जिम्मेदार हैं। जिन्होंने इन्हें बनाने में केंद्र सकार का साथ दिया और कृषि एवं किसानी पर निर्भर वर्गों की आर्थिक बर्बादी पर मोहर लगाई। उन्होंने कहा कि एक साल से चल रहे इस संघर्ष में 600 से अधिक किसान शहादत पा चुके हैं। किसान प्रदेश सरकार एवं केंद्र सरकार को स्पष्ट कर चुके हैं कि जब तक यह कानून रद्द नहीं किए जाते तब तक वह संघर्ष का रास्ता नहीं छोड़ेंगे। जिंपा ने कहा कि केंद्र की तरह पंजाब की कांग्रेस सरकार ने भी किसानों के साथ धोखाधड़ी की है। जिन किसानों ने कैप्टन अमरिदर सिंह व उनकी पार्टी में अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी थी उसी कांग्रेस ने केंद्र सरकार से मिलकर किसानों के साथ विश्वासघात किया है। इस दौरान उन्होंने शहीद हुए किसानों को श्रद्धांजलि भेंट करते हुए उनकी आत्मा की शांति की कामना की।

इस मौके पर जिला प्रधान दिलीप ओहरी, बब्बी चौधरी, सतवंत सिंह सियान, पार्षद जसपाल चेची, राजिदर पंच, अमनदीप बिदा, एडवोकेट अमरजोत, अंशुल शर्मा, विशाल नंदा, हरजिदर विर्दी, जोगिदर राजा, खुशी राम धीमान, मि. एवं मिस कर्नल ग्रेवाल, मैडम करमजीत, संतोष, मनदीप, मनजोत, बलदीप, आरती नंदा सहित बड़ी संख्या में आप वालंटियर्स मौजूद रहे।

Edited By: Jagran