संवाद सहयोगी, गुरदासपुर : बारिश के मौसम में सब्जियों के बढ़ते दामों ने आम आदमी को डबल झटका दिया है। सब्जियों के दाम अब लोगों के बजट के पार चले गए हैं। ऐसे में उन्हें ये समझ में नहीं आ रहा है कि वे क्या खरीदें और क्या न खरीदें। अधिकतर लोगों को जरूरत से कम सब्जियां खरीदकर घर वापस जाना पड़ रहा है। उधर, बढ़ती महंगाई से गृहणियों की रसोई का बजट भी पूरी तरह से बिगड़ गया है। कीमत अधिक होने का कारण पीछे पहाड़ी एरिया से सब्जी न आना और पेट्रोल-डीजल का महंगा होना बताया जा रहा है।

गौरतलब है कि सब्जी खरीदने बाजार में जाने से पहले लोगों को अपनी जेब व जायके के बीच समझौता करना पड़ रहा है। सब्जी मंडी में आने वाले हर व्यक्ति को अपने स्वाद को पीछे कर जेब में मौजूद पैसों के अनुरूप ही खरीदारी करनी पड़ रही है। सब्जियों के दाम में दोगुना से भी अधिक का उछाल होने से सब्जी आम लोगों की पहुंच से दूर हो गई है। बता दें कि कोरोना महामारी के कारण लोगों की आर्थिक स्थिति काफी पतली हो चुकी है। कारोबार लोगों के ठंडे पड़ चुके हैं। जिस कारण बड़ी मुश्किल से घर का खर्च चल रहा है। इसी बीच घरेलू वस्तुएं महंगी होने के कारण घर का खर्च चलाना कठिन हो गया है। एक सप्ताह में बढ़ी सब्जियों की कीमतें

सब्जी कीमत अब पहले

टमाटर - 50 - 15

भिडी - 40 - 30

शिमला मिर्च- 50 - 25

खीरा - 40 - 20

आलू - 12 - 10

हरे मटर - 120 - 40

हरी मिर्च - 40 - 15

अदरक - 100 - 40

लहसुन - 120 - 60

बैंगन - 50 - 30

कद्दू - 40 - 20

प्याज - 30 - 15 गृहणियों में रोष

गृहणी काजल, पलिका, सिमरन, ज्योति का कहना है कि पहले ही दालें व अन्य घरेलू सामान काफी महंगा हो चुका है। अब सब्जियों के दाम भी बहुत बढ़ गए हैं। इस कारण रसोई का बजट काफी बिगड़ गया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि महंगाई पर नकेल कसी जाए, ताकि घर का खर्च सही तरीके से चल सके।

Edited By: Jagran