संवाद सहयोगी, गुरदासपुर: यह वीरगाथा है, सूबेदार निर्मल ¨सह की, जिन्होंने कारगिल की बर्फीली चोटियों पर पाक सेना का मुकाबला करते हुए टाइगर हिल पर तिरंगा फैला कर शहादत का जाम पिया था। इस वीर योद्धा के जीवन संबंधी जानकारी देते हुए शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर र¨वदर विक्की ने बताया कि इस जांबाज सैनिक का जन्म 6 मई 1957 को पिता धन्ना ¨सह और माता शांति के घर हुआ।

सरकारी हाई स्कूल तालिबपुर पंडोरी से मैट्रिक करने के उपरांत 21 सितंबर 1976 को यह सेना की 8 सिख रेजीमेंट में भर्ती हो गए। 1999 को पाकिस्तान ने जब देश पर कारगिल योद्धा थोपा तो सबसे पहले उनकी यूनिट को ही वहां भेजा गया। 6 जुलाई 1999 को उनकी यूनिट को टाइगर हिल फतेह करने का आदेश मिला। सूबेदार निर्मल ¨सह के नेतृत्व में एक सैन्य दल ने इस पहाड़ी पर चढ़ना शुरू किया। पाकिस्तान सेना की जब नजर इन पर पड़ी तो उन्होंने गोलाबारी करनी शुरू कर दी। सूबेदार निर्मल ¨सह ने अपने साथी सैनिकों के प्राणों को बचाते हुए दुश्मनों का बहादुरी के साथ मुकाबला किया और उन्हें काफी जानी नुक्सान भी पहुंचा। इसी बीच एक गोली उनके सीने को भेदती हुई निकल गई। गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी वह आगे बढ़ते रहे और टाइगर हिल पर तिरंगा फहरा कर शहादत का जाम पी गए। उनकी शहादत को नमन करने के लिए 6 जुलाई को गांव पुराना शाला में इनकी याद में बने पेट्रोल पंप पर एक श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इ

Posted By: Jagran

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