जागरण संवाददाता, गुरदासपुर : सिविल अस्पताल गुरदासपुर में एनएचएम विभाग में करोड़ो रुपये के घोटाले का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अब जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के अलावा दवाइयों में भी बड़े घोटाले की बात सामने आई है। जिसकी शिकायत खुद सिविल सर्जन द्वारा विभाग के उच्चाधिकारियों को करके जांच करने की मांग की गई है। इसके साथ ही शनिवार को सिविल अस्पताल में निरीक्षण के लिए पहुंचे पंजाब हेल्थ सिस्टम कारपोरेशन के चेयरमैन रमन बहल ने भी उक्त मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित अधिकारियों को कड़ी सजा दिलाने की बात की है।

गौरतलब है कि जिला मुख्यालय में स्थित अस्पताल में चल रहे एनएचएम विभाग में करीब सात करोड़ रुपये के घोटाले की बात सामने आई है। यह घोटाला कोरोना काल के दौरान मरीजों को लाने व ले जाने और जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत लगाई गई करीब दस वाहलों की जाली बिल बनाने और दवाइयों की खरीद फरोख्त में बड़े घोटाले की आशंका खुद सिविल सर्जन गुरदासपुर डा. हरभजन राम मांडी द्वारा जाहिर की गई है।

डा. मांडी द्वारा यहां उक्त गाडिय़ों की जांच जिला फेमिली वेलफेयर अफसर डा. लखविंदर सिंह अठवाल को सौंपी गई है। वहीं दवाईयों में हुए घोटाले के लिए चंडीगढ़ में उच्चाधिकारियों को लिखित शिकायत कर जांच करवाने की मांग उठाई गई है।

मामले की जांच शुरु हो गई है : सिविल सर्जन

शनिवार को सिविल अस्पताल में निरीक्षण के लिए पहुंचे पंजाब हेल्थ सिस्टम कारपोरेशन के चेयरमैन रमन बहल से जब उक्त मामले संबंधी पूछा गया तो उन्होंने कहा कि एनएचएम विभाग में वाहनों को किराए पर लेने व दवाइयों की खरीद में गड़बड़ी की आशंका जताई है। जिसके तहत मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि जांच के दौरान जो भी दोषी पाया गया उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

Edited By: Sunil Kumar

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