शमशेर मन्हास, बहरामपुर : बहरामपुर के अंतर्गत पढ़ते गांव मकौड़ा में रावी दरिया पर बने पंटून पुल के आगे बना रैंप दरिया में पानी के तेज बहाव में बह गया। यह रैंप दो दिन पहले ही बना था। रैंप के बह जाने के कारण रावी दरिया के पार बसे सात गांवों के लोगों का जिला गुरदासपुर से सीधा संपर्क टूट गया। वहीं लोगों की मांग पर जिला प्रशासन की ओर से रविवार को रैंप को दोबारा बनाने का काम शुरू करवा दिया गया, ताकि दरिया पार बसे गांवों के लोगों को किसी मुश्किल का सामना न करना पड़े।

गौरतलब है कि मकौड़ा पत्तन में रावी दरिया पर अस्थाई पुल बनाया गया है, जो मानसून के मौसम के दौरान हर साल उठा लिया जाता है। अभी कुछ समय पहले ही मानसून का मौसम निकलने के बाद पुल को दोबारा से लगाया गया है। वहीं शनिवार को हुई तेज बारिश के कारण रावी दरिया में जल स्तर काफी बढ़ गया। इस कारण अस्थाई पुल पर बनाया गया रैंप पानी के तेज बहाव में बह गया। इस कारण कुछ समय के लिए दरिया पार बसे गांव तूर, राजपुर, चेबे, मम्मी चकरंजा, झुंबर, लसियान, कुक्कड़ आदि का जिला गुरदासपुर से सीधा संपर्क टूट गया और लोग अपने घरों में ही दुबके रहे। क्षेत्र निवासी पूर्व सरपंच गुरनाम सिंह तूर, रूप सिंह, बलविदर बिट्टू, नच्छतर सिंह ने बताया कि लगातार भारी बारिश के कारण दरिया में पानी का स्तर एकदम से बढ़ गया है। जिस कारण रैंप बह गया। उन्होंने हलका दीनानगर से विधायक व कैबिनेट मंत्री अरुणा चौधरी से मांग की कि मकौड़ा पत्तन रावी दरिया पर स्थाई पुल का निर्माण करवाया जाए, ताकि दरिया पार बसे गांवों के लोगों की पक्के तौर पर समस्या का हल हो सके। उन्होंने कहा कि हर साल बारिश के कारण अस्थाई पुल का रैंप पानी में बह जाता है। इस कारण उनको काफी परेशान होती है। उनका जिले से सीधा संपर्क टूट जाता है और वह अपने घरों में दुबक कर रह जाते हैं। उनके बच्चे बहरामपुर क्षेत्र सहित गुरदासपुर व अन्य स्थानों में पढ़ने के लिए जाते हैं। वहीं वह कारोबार करने के लिए भी उक्त जगहों पर जाते हैं।

मगर रैंप आए दिन बह जाने के कारण उनके काम व बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो जाती है। इसलिए सरकार व जिला प्रशासन से अपील है कि दरिया पर पक्का पुल बनाकर दिया जाए।

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