बाल कृष्ण कालिया, गुरदासपुर

रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस में सोमवार को चालान भुगतने आए लोग परेशान दिखे। पुराने चालान के भी नए नियम के अनुसार भारी-भरकम जुर्माना लगाया जा रहा था। इससे अधिकतर लोग चालान का बिना भुगतान किए वापस चले गए। कुल 75 लोग चालान का भुगतान करने पहुंचे थे। इनमें से जिनके हजार रुपये जुर्माने बन रहे थे ऐसे मात्र 15 लोगों ने अपने चालान का भुगतान किया। हजारों रुपये जुर्माना देखकर 60 लोग सरकार और विभाग को कोसते हुए चालान का भुगतान किए बिना वापस चले गए। इस दौरान कई लोगों की आंखों से आंसू भी निकलते दिखे। इस कारण दो दिन की छुट्टी के बाद भी सोमवार को रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस में एक घंटे के अंदर ही चालान भुगतने आए लोगों की संख्या कम गई।

पठानकोट से आए कीमती लाल ने कहा कि गाय बेचकर ऑटो खरीदा था। अब पिछले एक सप्ताह से मेरा ऑटो पठानकोट पुलिस ने थाने में बंद कर दिया है। उसके भुगतान के लिए गुरदासपुर ऑफिस आया हूं, लेकिन यहां पर भारी-भरकम जुर्माने ने मेरी कमर तोड़ दी है। अब तो मुझे ऑटो भी बेचना ही पड़ेगा। रीजनल ट्रांसपोर्ट कार्यालय के कर्मचारी के आगे अपना दुखड़ा सुनाते हुए कीमती लाल कुछ भावुक हो गए। कई लोगों के दस-दस हजार रुपये से अधिक का जुर्माना लग रहा था। इसे देख लोगों ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार ने गरीबों के मुंह से निवाला छीन लिया है। पहले जुर्माना 300 से पांच सौ रुपये तक होता था, लेकिन अब हजारों में कर दिया है। ऐसे में गरीब परिवार तबाह हो रहे हैं। उधर, पुलिस विभाग की सख्ती के चलते हर चौक चौराहे पर लोगों के चालान काटे जा रहे हैं। चंडीगढ़ में पुराने चालान के जुर्माने को लेकर अधिकारियों ने की बैठक

पंजाब स्टेट परिवहन विभाग के स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने राज्य भर के रीजनल ट्रांसपोर्ट अधिकारियों के साथ सोमवार को बैठक की गई। बैठक में पुराने चालान का जुर्माना लेने को लेकर चर्चा हुई। गुरदासपुर रीजनल ट्रांसपोर्ट के अधिकारी बलदेव सिंह रंधावा से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि वे चंडीगढ़ बैठक में व्यस्त हैं। लोगों की कहानी उनकी ही जुबानी

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जम्मू से आया हूं चालान भुगतने : राहुल शर्मा

जम्मू-कश्मीर से आए राहुल शर्मा का कहना है कि वे परिवहन कार्यालय में दूसरी बार आए हैं। उनका बीमा पॉलिसी का चालान कटा था। इसका दो हजार रुपये जुर्माना भरकर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एकाएक इतना ज्यादा जुर्माना बढ़ने से लोग परेशान हैं। 24

बेटे की गलती से कटा चालान, अमृतसर से आया हूं भुगतान करने : कुलबीर

अमृतसर जिले के जयंतीपुर से गुरदासपुर के रीजनल ट्रांसपोर्ट कार्यालय में चालान भुगतने आए कुलबीर सिंह का कहना है कि उनके बेटे की गलती से हेलमेट का चालान कट गया था। उधर, पुलिस की लापरवाही की वजह से सही समय पर उनका चालान कार्यालय में नहीं भेजा गया। इस वजह से उन्हें अमृतसर से दो बार रीजनल ट्रांसपोर्ट कार्यालय में आना पड़ा है। 22

11 हजार बन रहा जुर्माना, कहां से दूंगा : गुरदेव सिंह

बटाला के गुरदेव सिंह पर पुलिस कुछ ज्यादा ही मेहरबान हो गई। जुर्माने अधिक बढ़ने के कारण पुलिस कर्मचारी भी नाके पर थोड़ी सी बहसबाजी करने वाले व्यक्ति के तीन-चार चालान काट देते हैं। ऐसा ही कुछ बटाला के गुरुदेव सिंह के साथ हुआ। पुलिस ने उसका लाइसेंस, प्रदूषण और बीमा पॉलिसी का चालान काट दिया। इसका सरकारी तौर पर 11 हजार जुर्माना बन रहा था। गुरदेव सिंह का कहना था कि वह बेरोजगार है। बड़ी ही मुश्किल से घर में एक मोटरसाइकिल जुटाया था, लेकिन ऐसे में पुलिस कर्मचारियों ने इतना मोटा चालान काटकर उसकी कमर तोड़ दी है। 23

ऑटो छुड़ाने के लिए पैसे नहीं, घर का गुजारा हुआ मुश्किल : विजयपाल

पठानकोट से आए विजयपाल का कहना है कि पुलिस ने पिछले एक सप्ताह से उसका ऑटो थाने में बंद किया हुआ है। ऑटो को छुड़ाने के लिए वह रीजनल ट्रांसपोर्ट कार्यालय के लिए आया है, लेकिन यहां पर कर्मचारी ने दस हजार रुपये जुर्माने की मांग की है। इसे देने में वे असमर्थ हैं। उनका कहना था कि परिवार का पालन पोषण ऑटो से ही चलता था, लेकिन सरकारों के गलत फैसलो से आज उसका परिवार गरीबी रेखा से नीचे चल रहा है। 32

सीआरपीएफ का जवान भी परेशान

ट्रैफिक चालान का भुगतान करने के लिए जम्मू से गुरदासपुर रीजनल ट्रांसपोर्ट कार्यालय पहुंचे कुमार मंगा सीआरपीएफ के जवान हैं। उनका कहना है कि वे अब तक दो बार जम्मू से छुट्टी लेकर गुरदासपुर रीजनल ट्रांसपोर्ट कार्यालय में आए हैं। लेकिन पुलिस थाना भैणी मियां खां की ओर से आज भी उसका चालान नहीं भेजा गया। इससे उन्हें वापस जाना पड़ रहा है। 33

लाइसेंस का चालान काटा, अधिकारी ने पांच हजार रुपये लिखा जुर्माना : जसवीर मसीह

जसबीर सिंह ने कहा कि साहब बड़े लोगों का चालान कहां कटता है। पुलिस का जोर छोटे लोगों पर ही चलता है, जो लोग दिहाड़ीदार होते हैं। लोगों का कहना था कि इस लाइन में कोई भी बड़ा आदमी नहीं होगा। जो होगा वह स्कूल में पढ़ रहे छात्र व बेरोजगार लोग। इन्हें पहले से ही कुदरत की मार पड़ी हुई है। आज उन्हें चालान काटकर भारी-भरकम जुर्माना की मार सहनी पड़ रही है।

Posted By: Jagran

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