संवाद सहयोगी, गुरदासपुर : शिवसेना पंजाब के पंजाब प्रधान रोहित महाजन के गृह निवास पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सजीव घनौली व राष्ट्रीय चेयरमैन राजीव टंडन विशेष तौर पर पहुंचे। इस दौरान पत्रकारों को जानकारी देते हुए नेताओं ने बताया कि शिवसेना पंजाब की हिदू मुख्यमंत्री की मांग काफी हद तक पार्टियों ने स्वीकार की है। यह मुद्दा सबसे पहले शिवसेना पंजाब द्वारा ही उठाया गया था और उसी का नतीजा है कि इस बार पंजाब को हिदू उपमुख्यमंत्री मिला और हर पार्टी अब पंजाब में हिदू उपमुख्यमंत्री देने की बात कर रही है।

इससे पहले 1966 से लेकर अब तक किसी भी पार्टी ने इसके बारे में नहीं सोचा और मजबूर होकर शिवसेना पंजाब को यह कदम उठाना पड़ा। नेताओं ने बताया कि हिदू समुदाय के साथ अत्याचारों का दिन प्रतिदिन बढ़ते जाना बड़ा ही चिता का विषय है। कभी रामलीला की स्टेज पर शरारती तत्वों का हुड़दंग मचाना, कभी मंदिर में आपत्तिजनक शब्द लिखना और कभी शिवलिग पर चढ़ जाना। ये सभी बातें आम हो गई हैं और इतना कुछ होने के बावजूद भी पुलिस यह कहकर पल्ला झाड़ देती है कि करने वाला व्यक्ति मंदबुद्धि था। किसी भी तरह की कार्रवाई करवाने के लिए भी हिदुओं को प्रदर्शन करने पड़ते हैं। इन सब बातों को लेकर शिवसेना पंजाब पूरे पंजाब के हिदू संगठनों और हर शहर के हिदू संस्थाओं और यहां तक कि मंदिरों के पुजारियों को भी साथ लेकर एक लहर चलाना चाहती है। सरकारों को यह बताना चाहती है कि हिदुओं की गिनती भी पंजाब में 50 फीसद के आसपास है, लेकिन कभी भी किसी सरकार ने हिदुओं की ओर ध्यान नहीं दिया। हिदुओं का इस्तेमाल सिर्फ वोट तक ही किया गया और उसके बाद इनकी सुनवाई ना के बराबर कर दी गई।

महाजन ने बताया कि शायद अगर पंजाब का मुख्यमंत्री हिदू समुदाय से होता तो हिदुओं के साथ इस तरह का भेदभाव ना होता। अब हिदू मुख्यमंत्री की मांग को लेकर ही शिवसेना पंजाब हिदू समुदाय को इकट्ठा करके एक मंच पर लाने की कोशिश करने में लगी हुई है। इस अवसर पर डा. राजू, जोगिदर शर्मा. नरेंद्र रानियां, रमेश राकेश, सागर, अकाश, गोल्डी मेहरा, रोमी महाजन, धनंजय, लक्की मेहरा, विमल ओबराय, सोनू शर्मा आदि लोग उपस्थित थे।

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