बाल कृष्ण कालिया, गुरदासपुर

पंजाब सरकार का स्वास्थ्य विभाग इन दिनों सिविल अस्पताल गुरदासपुर पर पूरा मेहरबान है। जिस अस्पताल में डाक्टरों की कमी रहती थी अब वहां पर एक के बजाय पूरे छह डाक्टर एक ही विभाग में तैनात हैं। सिविल में इस समय छह बाल रोग विशेषज्ञ काम कर रहे हैं। हालांकि देहात क्षेत्र के सीएचसी व पीएचसी सेंटरों में डाक्टरों की आज भी भारी कमी है।

कादियां, दोरांगला, बहरामपुर की अगर बात करें तो यहां पर बाल रोग विशेषज्ञ के साथ-साथ अन्य बीमारियों के स्पेशलिसट डाक्टर भी नहीं के बराबर है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक राजनीति सिफारिश व डेपूटेशन लेकर अधिकतर डाक्टरों व स्टाफ के कर्मचारियों की तैनाती की हुई है। सिविल अस्पताल गुरदासपुर में तैनात डाक्टर

नेत्र रोग विशेषज्ञ- 1

बाल रोग विशेषज्ञ- 6

आर्थो -- 2

महिला रोग विशेषज्ञ- 4

मेडिकल स्पेशलिस्ट-एक-दो माह की छुट्टी व एक डेपुटेशन पर।

त्वचा रोग विशेषज्ञ-- 1

ईएनटी-- 1

मनोरोग विशेषज्ञ --2 जिले के दूसरे सीएचसी व पीएचसी सेंटरों का यह हाल

कलानौर

--आर्थो (हड्डियों लोग के माहिर) पद खाली

नेत्र रोग विशेषज्ञ-कोई नहीं बहरामपुर

-- आर्थो (हड्डियों लोग के माहिर) पद खाली

--नेत्र रोग विशेषज्ञ-कोई नहीं

-- बाल रोग विशेषज्ञ-कोई नहीं

दीनानगर

राज्य सरकार की ओर से कुछ दिन पहले दीनानगर में तहसील का दर्जा दिया गया है। यहां पर सीएससी सेंटर को भी सब डिविजनल सेंटर बनाया गया, लेकिन यहां पर डॉक्टरों की भारी किल्लत है। यहां पर बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है।

बटाला

बटाला में इस समय दो बाल रोग विशेषज्ञ डाक्टर हैं। इनमें से एक डाक्टर पिछले दो महीने से लगातार छुट्टी पर है। इसके अलावा ईएनटी स्पेशलिस्ट, नेत्र रोग विशेषज्ञ व महिला रोग विशेषज्ञ दोनों में से एक डाक्टर को गुरदासपुर डेपुटेशन पर लगा दिया गया है। बता दें कि गुरदासपुर सिविल अस्पताल में पहले से ही चार महिला रोग विशेषज्ञ काम कर रहे हैं। इसके बावजूद भी बटाला से अधिकारियों की कथित सिफारिश के चलते एक महिला डाक्टर को गुरदासपुर सिविल अस्पताल में लगाया गया है। कादियां का बुरा हाल

गुरदासपुर के सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र कादियां की सीएचसी में एक ही डाक्टर है। यहां पर अन्य डाक्टरों की तैनाती के लिए ना तो विधायक की तरफ से कोई प्रयास किया गया और ना ही सरकारों ने इस तरफ कोई ध्यान दिया है। इसके चलते इस इलाके के लोगों को मजबूरन अपने इलाज के लिए बटाला के अस्पताल में या फिर अमृतसर के निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। सिविल सर्जन डाक्टर विजय से सीधी बात

सवाल-- गुरदासपुर के सिविल अस्पताल में छह बाल रोग विशेषज्ञ हैं, ऐसा क्यों?

जवाब-- कोरोना वायरस की तीसरी लहर के प्रभाव बच्चों पर होना है। इसके चलते राज्य सरकार की ओर से जिला हेडक्वार्टर परिसर में इसके पूरे प्रबंध किए गए हैं। इसी वजह से सिविल में बाल रोग विशेषज्ञ डाक्टर तैनात हैं।

सवाल-- जिले के दूसरे सीएचसी व पीएचसी खाली हैं। वहां पर स्पेशलिस्ट डाक्टर नहीं हैं?

जवाब-- दूसरे कुछ इलाकों में स्पेशलिस्ट का पद ही नहीं है। सीएससी में आने वाले मरीज सिविल में रेफर किए जाते हैं।

सवाल -- दीनानगर व कादियां में भी डाक्टर नहीं है।

जवाब-- डाक्टरों की कमी जरूर है, लेकिन धीरे-धीरे सरकार सभी सेंटरों में डाक्टरों की कमी को दूर कर रही है।

Edited By: Jagran