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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 15, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उपचुनाव कांग्रेस नहीं, पंजाब सरकार जीती : सलारिया

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Published: Sun, 15 Oct 2017 06:56 PM (IST)Updated: Sun, 15 Oct 2017 07:16 PM (IST)

भाजपा ने कहा है कि गुरदासपुर उपचुनाव में कांग्रेस नहीं पंजाब सरकार की जीत हुई है। भाजपा प्रत्‍याशी स्‍वर्ण सलारिया ने कहा कि भाजपा का मुकाबला सरकारी तंत्र से था।

उपचुनाव कांग्रेस नहीं, पंजाब सरकार जीती : सलारिया
उपचुनाव कांग्रेस नहीं, पंजाब सरकार जीती : सलारिया

जेएनएन, गुरदासपुर/पठानकोट : गुरदासपुर उपचुनाव में 1.93 लाख वोट के भारी अंतर से हारे अकाली-भाजपा प्रत्याशी स्वर्ण सलारिया ने कहा कि इस उपचुनाव में कांग्रेस नहीं, बल्कि पंजाब सरकार की जीत हुई है। यह चुनाव कांग्रेस-भाजपा नहीं, बल्कि सलारिया और पंजाब सरकार के बीच था। भाजपा के प्रदेश प्रधान विजय सांपला ने भी कहा कि भाजपा का मुकाबला कांग्रेस नहीं राज्‍य के सरकारी तंत्र से था।

उपचुनाव का परिणाम घोषित होने के बाद स्‍वर्ण सलारिया ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार के पूरे विधायकों से लेकर मुख्यमंत्री व कई सांसदों तक 15 दिन के लिए दोनों जिलों में उतार दिए। उन सभी ने जनता पर अपना प्रभाव बनाया और चुनाव में सरकारी मशीनरी का प्रयोग करते हुए सीट पर विजय हासिल की।

सलारिया ने कहा कि छह माह पहले हुए चुनाव में भाजपा भोआ से 27 और दीनानगर में 34 हजार मतों से हारी थी, पर इस बार भोआ में 27 हजार की लीड को कवर करते हुए मात्र सात हजार से ही पीछे रहे हैं। इसी प्रकार, दीनानगर में 34 हजार की लीड को पूरा करते हुए 23 हजार को पूरा किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि गुरदासपुर के पांच हलकों में कांग्रेस विधायकों ने धक्केशाही से मतदान करवाया। सलारिया ने कहा, कादियां के विधायक फतेहजंग बाजवा ने कई पोलिंग बूथों पर उनके एजेंटों को मारा और धमकाया, इस कारण हमारी हार हुई।

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सलारिया ने कहा कि बेशक उन्हें हार का सामना करना पड़ा इसके बावजूद वह तीन लाख मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने उन्हें मतदान किया। पार्टी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों व लीडरशिप का आभार व्यक्त करते हुए सलारिया ने कहा कि वह अगले चुनाव की तैयारी करें। 2019 में स्थिती इसके विपरीत होगी और निश्चित ही भाजपा दोबारा गुरदासपुर की सीट पर कब्जा करेगी।

भाजपा के प्रदेश प्रधान विजय सांपला ने कहा, जनमानस के फैसले को स्वीकार करता हूं, लेकिन यह आर्टीफिशियल है। गुरदासपुर में भाजपा की लड़ाई कांग्रेस के साथ नहीं बल्कि सरकारी तंत्र के खिलाफ थी। चुनाव मुद्दों पर नहीं बल्कि व्यक्तिगत व चरित्रों पर लड़ा जा रहा था। भाजपा ने कांग्रेस के डंडा तंत्र के विरुद्ध चुनाव लड़ा है।

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'' चुनाव सरकार नहीं बल्कि सरकारी शक्ति जीती है। अगर गांव का सरपंच इतना डरा हुआ हो कि उनके गांव में अगर कांग्रेस हार गई तो उसको नतीजे भुगतने पड़ेंगे। अकाली दल के कार्यकर्ताओं को वोट डालने से रोका गया और एेसे में क्‍या परिणाम आते। सुच्चा सिंह लंगाह की वजह से जितना नुकसान हुआ उससे ज्यादा नुकसान सरकारी तंत्र ने किया है।

                                                                                 - डा. दलजीत सिंह चीमा, अकाली दल के प्रवक्ता।