जागरण संवाददाता, बटाला : हंसली पुल पर शनिवार को ट्रैफिक पुलिस द्वारा लगाए गए नाके के दौरान खूब हंगामा हुआ। दोपहर के साढ़े 12 बजे एक स्कूल के दिव्यांग प्रिसिपल रिकू साहोता अपनी मोटरसाइकिल पर घर जा रहे थे। उनका ट्रैफिक पुलिस वालों के साथ चालान काटने पर विवाद हो गया। उनका आरोप था कि ट्रैफिक पुलिस के एएसआइ सतीष शर्मा और कांस्टेबल कश्मीरा सिंह ने अपने रिश्तेदार के पूरे दस्तावेज नहीं होने के बावजूद उसे छोड़ दिया, जबकि उनका चालान काट दिया। इसके बाद प्रिसिपल ने पुल पर जमा लगा दिया।

इस दौरान काफी भीड़ इकट्ठा हो गई। प्रिंसिपल अपनी बात पर अड़ गए कि जब तक उन्हें इंसाफ नही मिल जाता है तब तक वहां से हटेंगे नहीं। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। मामला आलाधिकारियों के पास पहुंचा तो एएसआइ सतीश शर्मा और कांस्टेबल कश्मीरा सिंह को रिकू सहोता से माफी मांगनी पड़ी। उसके बाद मामला ठंडा हुआ।

अक्सर ट्रैफिक पुलिस के मुलाजिमों ने प्रतिदिन हंसली पुल पर नाका लगाया होता है। इनके खिलाफ कई बार शिकायतें आई हैं कि वे वाहन चालकों को मंत्री और राजनेताओं की सिफारिश आने पर छोड़ देते हैं। मगर शनिवार को उनका पाला एक प्रिसिपल के साथ पड़ा तो पुलिस उनके सामने चुप होकर रह गई। दरअसल, दिव्यांग का चालान कुछ दस्तावेज कम थे, इसलिए काट दिए था। जबकि एक अन्य वाहन चालक को पुलिस वाले का रिश्तेदार होने की वजह से आरोप है कि छोड़ दिया गया था। इस कारण मामला भड़क गया। एसएचओ बोले-नोटिस में नहीं मामला

ट्रैफिक पुलिस के प्रभारी एसएचओ परमिदर सिंह ने बताया कि मामला उनके नोटिस में नहीं है। फिर भी मामले की जांच करवा लेते हैं। अगर इसमें कानून का उल्लघंन सामने आता है तो कार्रवाई जरूर होगी।

Posted By: Jagran

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