यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 19, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
निजी अस्पताल से भागा कोरोना संदिग्ध, पुलिस ने काबू कर सिविल में भर्ती कराया
शहर के एक निजी अस्पताल में रविवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गया जब एक कोरोना संदिग्ध इलाज कराने पहुंचा।

संजय तिवारी, बटाला
शहर के एक निजी अस्पताल में रविवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गया जब एक कोरोना संदिग्ध इलाज कराने पहुंचा। गांव गज्जू गाजी का रहने वाला एक संदिग्ध सभी पुलिस नाकों से पुलिस वालों को चकमा देकर निजी अस्पताल आया था। जब डॉक्टर ने चेकअप किया तो देखा कि उसके हाथ पर पहले से ही एक स्टैंप लगा हुआ है। उसे सेहत विभाग ने होम क्वारटाइंन किया हुआ था और घर में ही रहने के लिए कहा गया था। कोरोना संदिग्ध डॉक्टर द्वारा पूछताछ के दौरान फरार हो गया। इसके बाद डॉक्टर ने पुलिस विभाग और सिविल अस्पताल के एसएमओ संजीव कुमार भल्ला को सूचित किया। अस्पताल को सैनिटाइजर करवाया गया तथा वहां पर आए सभी मरीजों का एड्रेस लिखकर उन्हें वापस अस्पताल से घर के लिए भेजा गया। डीएसपी गुरदीप सिंह स्वामी ने कोरोना संदिग्ध का पता लगाया और गांव गज्जू गाजी से काबू कर 14 दिन के लिए सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करवाया। उसका सैंपल लेकर भेज दिया गया है। गज्जू गाजी के एक घर के तीन लोगों को किया क्वारंटाइन
कोरोना संदिग्ध को सांस की समस्या है और छींक, खांसी होती है। नशहरा के एसएमओ लखविदर सिंह भागोवालिया ने गज्जू गाजी के एक ही घर के तीन सदस्यों को होम क्वारटाइंन किया गया था तथा उन्हें घर में ही रहने के लिए कहा गया था। इसमें से एक संदिग्ध निजी अस्पताल पहुंच गया था। डीएसपी गुरदीप सिंह ने बताया कि उसका सैंपल लेकर लैब में भेज दिया गया है।
