संवाद सहयोगी, गुरदासपुर : जिले के गांव चौड़ सिधवां में रिश्तेदार के घर से खेल कर आ रहे 11 वर्षीय बच्चे को अवारा खूंखार कुत्तों के झुंड ने बुरी तरह से नोच डाला। बच्चा कुत्तों से बचाने के लिए मां को आवाज दे रहा था, मगर अवारा खूंखार कुत्ते बच्चों को बुरी तरह से नोचे जा रहे थे। वहीं पास में निर्माण का काम कर रहे लोगों ने बड़ी मुश्किल से बच्चे को कुत्तों के झुंड से बचाया। लोगों ने कुत्तों पर ईंट पत्थर फेंककर उन्हें वहां से भगा दिया। उधर घायल हुए बच्चे को परिजनों व आसपास के लोगों ने सिविल अस्पताल गुरदासपुर में भर्ती करवाया। बच्चे के गहरा घाव होने के चलते सिर पर डाक्टरों ने नौ टांके लगाए। बच्चे की हालत गंभीर होने के कारण डाक्टरों ने उसे अमृतसर रेफर कर दिया। घटना के बाद बच्चा अभी भी सहमा हुआ है और अपनी मां की गोद में डरा हुआ पड़ा है।

उल्लेखनीय है कि गांव चौड़ सिधवां में ही तीन दिन पहले एक बुजुर्ग पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया था। बुजुर्ग कुत्तों के चंगुल से निकलकर भागने लगा तो कुत्तों ने उसका पीछा किया। बुजुर्ग ने अपनी भाग कर आवारा कुत्तों से अपनी जान बचाई। गांव में शनिवार की घटना के बाद आवारा खूंखार कुत्तों के कारण गांव में अभी दहशत का माहौल बना हुआ है। सिविल अस्पताल में घायल 11 वर्षीय बच्चे अर्णव के पिता हरजीत सिंह ने बताया कि वह गांव चौड़ सिधवां के रहने वाला है। शनिवार को सुबह 11 बजे के करीब उसका बेटा अर्णव अपने किसी रिश्तेदार के घर से खेलकर अपने घर को आ रहा था। इसी दौरान एकदम गली में आवारा कुत्तों के झुंड ने अर्णव पर हमला कर दिया। अर्णव पहले कुत्तों को देख कर भागा, फिर जब वह गली में गया तो कुत्तों ने उसको सिर से खींच कर बेरहमी से नोच डाला। बच्चे की चीखे सुनकर पास में निर्माण कार्य का काम कर रहे लोगों ने बच्चे को बड़ी मुश्किल से आवारा कुत्तों के चुगंल से बचाया। उन्होंने बताया कि इससे पहले उसने एक और बच्चे को अवारा कुत्तों के झुंड से बचाया था। मगर इस बार कुत्तों के हाथ उसका बेटा लग गया, जिस उन्होंने बेहरमी से नोचा है। कुत्तों ने गांव में फैलाई दहशत जिले में आए दिन आवारा खूंखार कुत्ते लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। गांव चौड़ सिधवां में तो घटना के बाद अवारा कुत्ते गन्ने के खेत घुस गए। इस कारण गांव के लोगों में अभी भी दहशत का माहौल बना हुआ है। लोग अपने बच्चों को घर से बाहर नहीं निकलने दे रहे। गांव के लोगों का कहना है कि हड्डा रोड़ा से मांस खाकर अवारा कुत्ते खूंखार हो गए हैं। जिस कारण आए दिन लोगों पर हमला बोल रहे हैं। सिविल में रोज पांच से दस लोग पहुंच रहे हैं कुत्ते के काटने के

काबिलेजिक्र है कि सिविल अस्पताल गुरदासपुर में रोजाना पांच से दस मरीज कुत्ते के काटे पहुंच रहे हैं। इसी बात से हिसाब लगाया जा सकता है कि अवारा कुत्तों की संख्या कितनी अधिक हो गई है, जोकि खूंखार होकर लोगों के लिए मौत बनकर घूम रहे हैं। उधर शहरी एरिया में स्थानीय निकाय विभाग व ग्रामीण एरिया में पंचायतें अवारा कुत्तों की नसबंदी करने में नाकाम रहीं हैं। यही कारण है कि आए दिन लोगों को अवारा कुत्ते अपना निशाना बना रहे हैं। पहली घटना

11 जुलाई को गीता भवन रोड पर रात ढाई बजे आवारा कुत्तों ने रास्ते से गुजर रहे एक व्यक्ति पर हमला कर दिया था। उसके कपड़े फाड़ दिए और उसे कई जगह पर नोच-नोच कर घायल कर दिया। इलाका वासियों ने सुबह छह बजे घायल व्यक्ति को देखा और थाना सिटी की पुलिस को सूचित किया। पुलिस कर्मचारियों ने एंबुलेंस से घायल को सिविल अस्पताल में पहुंचाया, जहां पर उसने दम तोड़ दिया। दूसरी घटना

21 जुलाई को हनुमान चौक के पास रात करीब साढ़े नौ बजे सब्जी बेच रहे रेहड़ी चालक पर अवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर गिया। कुत्तों से बचने के लिए सब्जी विक्रेता कोशिश करता रहा। उसने वहां से रेहड़ी के साथ भागने का प्रयास किया। मगर कुत्तों ने उसपर भौंकना शुरू कर दिया। उसके शोर मचान के बाद आसपास के लोगों ने पत्थर मारकर कुत्तों को वहां से भगाया।

तीसरी घटना

25 जुलाई को तिब्बड़ी रोड पर सुबह सात बजे सैर कर रहे एक व्यक्ति के पैर पर आवारा कुत्तों ने काट लिया। आसपास के लोगों ने कुत्तों के झुंड से व्यक्ति को बचाया। अगर थोड़ी सी भी देरी हो जाती तो कुत्तों व्यक्ति को बुरी तरह नोच डालते।

चौथी घटना

27 जुलाई को गीता भवन रोड पर कुत्तों ने युवक के पैर पर काट लिया। युवक जान बचाकर बड़ी मुश्किल से वहां से भागा। मगर कुत्ते पीछे ही भागने लगे। युवक ने एक दुकान में घुसकर अपना पीछा छुड़वाया। कुत्तों की नसबंदी करवाने के लिए दिए जाएंगे निर्देश

डीसी मोहम्मद इशफाक का कहना है कि अवारा कुत्तों की नसबंदी के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियो को निर्देश दिए जाएंगे। ताकि लोगों को अवारा कुत्तों से किसी प्रकार का खतरा न रहे।

Edited By: Jagran