संवाद सूत्र, फिरोजपुर : श्री सनातन धर्म सभा की ओर से आयोजित रामलीला में श्री राम और रावण की सेना में युद्ध का मंचन किया गया। युद्ध में लक्ष्मण शक्ति के प्रहार से मूर्छित हो जाते हैं तो उनको होश में लाने के लिए तमाम प्रयास किए गए। उपचार के लिए आए महाऋषि ने संजीवनी बूटी के बारे में कहा। महाऋषि वैद्य द्वारा संजीवनी बूट्टी लाने के आह्वान पर बूटी कौन लेकर आएगा पर मंथन शुरू हुआ। श्रीराम ने हनुमान जी को संजीवनी बूटी लाने की जिम्मेदारी सौंपी तो वे उड़ कर पहाड़ों में संजीवनी लेने चले गए। हनुमान को जब संजीवनी बूटी का पता ना चला तो वे पूरा पहाड़ ही उठा लाए।

इस दौरान जब लक्ष्मण स्वस्थ हुए तो पूरी वानर सेना ने जय श्री राम के जयघोष लगाए। वहीं वानर सेना और लंकाधीश रावण सेना की युद्ध को लेकर तैयारियां शुरू होने लगी।

मेला इंचार्ज विशाल सिक्का ने बताया कि पूरा कार्यक्रम प्रधान बालकृष्ण मित्तल की अध्यक्षता में किया जा रहा है। उन्होंने रामलीला के दौरान दर्शकों से प्रश्नों के उत्तर भी पूछे जाते है और सही सवाल देने वाले को मौके पर पुरस्कार भेंट कर सम्मानित किया जाता है। इस अवसर पर गजिंदर अग्रवाल, संजय गुप्ता, हेमंत, पियूष, बेअंत लाल सिकरी, नानक चंद, रूप नारायण सिगला, रोहित, राधेमोहन, गगन, दीपक, पवन सहित अन्य उपस्थित थे।

मां के महिषासुर वर्धनी स्वरूप का किया पूजन संवाद सूत्र, फिरोजपुर : शारदीय नवरात्र को लेकर जहां मंदिरों व धार्मिक संस्थाओं की ओर से मां दुर्गा की पूजा अर्चना की गई, वहीं दुर्गा पूजा समिति उत्तर रेलवे फिरोजपुर की ओर से ड्राइवर एवं गार्ड रूम के नजदीक खुले पंडाल में मां दुर्गा के महिषासुरवर्धनी स्वरूप की स्थापना की गई। नवमी पर मां दुर्गा की पूजा के लिए मंडल रेल प्रबंधक सीमा शर्मा विशेष रूप से पहुंची व मां की पूजा अर्चना की।

मां दुर्गा पूजा समिति के सदस्यों ने बताया कि नवरात्र में मां दुर्गा की मूर्ति के साथ श्री गणेश जी, कार्तिकेय, मां लक्ष्मी जी तथा मां सरस्वती की मूर्ति भी स्थापित की गई थी। नवरात्र मे मां के अलग अगल रूपों की पूजा की गई व भजन संध्या का भी आयोजन किया गया। उन्होंने बताया नवमी को मां दुर्गा पूजा समिति की ओर से मां के नवम स्वरूप मां सिद्धि दात्री को 51 नारियल चढ़ा कर भोग लगाया गया तथा मां महिषासुर वर्धनी का भव्य श्रृंगार व विराट आरती का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मथुरा से आए पंडित निहाल पांडे द्वारा चारों वेदो के मंत्रोच्चार के साथ मां दुर्गा के यज्ञ कुंड में 21 किलो कृत से अग्नि मां जगत जननी ज्वाला देवी का भव्य अभिषेक किया गया। उन्होंने भक्तों को बताया कि जैसे माता की गोद में रोते हुए बच्चे हंसने लगते है, वैसे ही जगत जननी मां महिषासुर वर्धनी की गोद में जाते ही सभी दुखों, परेशानियों व चिताओं का अंत हो जाता है। समिति सदस्यों ने बताया कि नौ दिन की पूजा अर्चना के बाद बहुत ही श्रद्धा व सम्मान के साथ महिषासुर वर्धनी व गणेश जी, कार्तिकेय, मां लक्ष्मी व मां सरस्वती जी का विसर्जन किया जाएगा।

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