संजय वर्मा, तरूण जैन, फिरोजपुर : कांग्रेस की ओर से जारी की गई पहली सूची में जिले की चार विधानसभा सीटों में से दो सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा की गई है। कांग्रेस की ओर से जीरा में पूर्व कैबिनेट मंत्री इंद्रजीत सिंह के बेटे कुलबीर सिंह जीरा पर दूसरी बार तो फिरोजपुर शहरी सीट पर परमिंदर सिंह पिंकी को तीसरी बार चुनाव मैदान में उतारा गया है। दोनों ही विधायक उप मुख्यमंत्री सुखजिंद्र सिंह रंधावा के करीबी माने जाते हैं।

जीरा में अब तक सात बार अकाली दल, छह बार कांग्रेस सहित दो अन्य दलों के प्रतिनिधि विधायक रह चुके हैं। 1992 व 1997 में अकाली दल से चुनाव लड़ने वाले इंद्रजीत सिंह दो बार विधायक के अलावा एक बार स्वास्थ्य मंत्री भी रह चुके हैं, लेकिन बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए थे। कांग्रेस ने इंद्रजीत के युवा बेटे कुलबीर सिंह को दूसरी बार मैदान में उतारा है। कुलबीर जीरा वर्ष 2019 में अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल को जीरा में सीधे डोप टेस्ट करवाने की चुनौती दे चुके हैं। कुलबीर जीरा पार्टी में हर मंच पर सबसे आगे रहते हैं। कृषि कानूनों के विरोध में उन्होंने कांग्रेसी सांसदों के साथ जंतर-मंतर पर भी धरना दिया था। उनके सामने अकाली दल से जनमेजा सिंह सेखों मजबूत प्रतिद्वंद्वी के तौर पर हैं, जबकि आम आदमी पार्टी ने पूर्व विधायक कांग्रेस विधायक नरेश कटारिया को मैदान में उतारा है। कटारिया का मक्खू, मल्लांवाला सहित शहरी वोट पर अच्छा रसूख है। फिरोजपुर शहरी सीट पर कांग्रेस ने परमिंदर सिंह पिकी पर तीसरी बाद दांव लगाया है। यह सीट भाजपा का गढ़ मानी जाती है। पिकी वर्ष 2012 से लगातार इस सीट से जीत हासिल कर रहे हैं। पिकी के सामने अकाली दल से हिदू चेहरा रोहित उर्फ मोंटू वोहरा, आम आदमी पार्टी से रणबीर सिंह भुल्लर उम्मीदवार हैं। भाजपा का यहां से संभावित चेहरा पूर्व कैबिनेट मंत्री राणा गुरमीत सोढ़ी के बेटे अनुमीत सिंह हीरा सोढ़ी और भाजयुमो के उपाध्यक्ष अभिषेक धवन माने जा रहे है। अगर सोढ़ी परिवार को फिरोजपुर से टिकट मिलती है तो वह कांग्रेस के पिकी को टक्कर देने में सक्षम हो पाएंगे।

Edited By: Jagran