संस, फिरोजपुर : एनपीए में कटौती के विरोध में सरकारी डाक्टर्स सोमवार से तीन दिन की हड़ताल शुरू करने जा रहे हैं, जिसके चलते जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में ओपीडी बंद रहेगी। हालांकि हड़ताल के दौरान इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी, जबकि जिन मरीजों को आपरेशन की तारीखें दी गई हैं उन्हें भी आपरेशन के लिए तीन दिन इंतजार करना पड़ेगा।

डाक्टरों की ओर से सरकारी सेवाएं ठप होने के कारण इसका सीधा फायदा निजी अस्पतालों और क्लीनिक संचालकों को होगा, क्योंकि सरकारी अस्पतालों में इलाज न होने पर मरीजों को निजी अस्पतालों व क्लीनिक का रुख करना पड़ेगा। खासकर गंभीर अवस्था वाले मरीजों को ये परेशानी झेलनी पड़ेगी । दूसरी ओर अकेले सिविल अस्पताल फिरोजपुर में ही रोजाना 400 से 500 तक की ओपीडी होती है, जबकि जीरा में 200, ममदोट में 75 से 100 तक और गुरुहरसहाय में 100 से 125 तक ओपीडी होती है। ऐसे में डाक्टरों के हड़ताल पर जाने से सेकड़ों मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

उधर हडाक्टरों की एसोसिएशन के अध्यक्ष डा, जतिदर कौछड़ ने कहा कि कोविड-19 में अपनी जान को खतरे में डालकर मरीजों की सेवा की है। हमें आशा थी कि सरकार इस सेवा के बदले कुछ देगी, लेकिन छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट में एनपीए जो पहले 25 फीसद था, घटाकर 20 फीसद कर दिया है और एनपीए को मूल वेतन से डी लिक कर दिया गया है । सरकार की इसी मनमानी के खिलाफ संघर्ष किया जाएगा। इमरजेंसी सेवाएं रहेंगी जारी

सिविल सर्जन डा, राजेंद्र मनचंदा ने कहा कि डाक्टरों की हड़ताल सरकार के खिलाफ है और वे इस मामले में कुछ नही कर सकते। फिलहाल उनकी तरह से सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों की डाक्टरी सुविधा देने का प्रयास जरूर किया जाएगा । हालांकि डाक्टर हड़ताल पर हैं, लेकिन इमरजेंसी सेवाओं के साथ साथ बाकी सेवाएं जारी रहेंगी ।

Edited By: Jagran