संवाद सहयोगी, फिरोजपुर:

फिरोजपुर शहर के वार्ड नंबर 16 में रविवार को दो किलोवाट के मीटर के बकाया बिजली बिल माफ करने के लिए कैंप लगाया गया। कैंप में विधायक परमिदर सिंह पिकी ने खुद लाभार्थियों के आवेदन फार्म भरे। बिजली बोर्ड के अधिकारी एडिशनल एक्सईएन सुखविदर सिंह, एसडीओ संतोख सिंह, एसडीओ कुलदीप सिंह एवं आरए गुरसेवक सिंह की देखरेख में लगाए कैंप लोगों ने सैकड़ों की संख्या में पहुंचकर अपने बिल माफ करवाने के लिए फार्म भरे।

विधायक परमिदर सिंह पिकी ने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से हलके के 10 हजार लोगों का 11 करोड़ नौ लाख 555 रुपए के बिल माफ किए गए हैं। इसके अलावा पंजाब सरकार द्वारा मेरा घर मेरे नाम के फैसले को लेकर भी लोगों में खुशी की लहर है। कांग्रेस नेता युकुब भट्टी, मार्केट कमेटी सुखविदर सिंह अटारी, ब्लॉक समिति चेयरमैन बलबीर बाठ, नगर कौंसिल अध्यक्ष रिकू ग्रोवर ने कहा कि हलके के सभी इलाकों में बिना किसी भेद भाव के हो रहे विकास से लोग खुश हैं। इस मौके पर पार्षद ऋषी शर्मा, विजय गोरिया, बलवीर सिंह बाठ चेयरमैन, सुखविदर सिंह अटारी, चेयरमैन राजू खटड़ व अन्य उपस्थित थे। बिल माफी को लेकर झूठी वाहोवाही लूट रहे कांग्रेसी : नारंग संस, अबोहर : राज्य के मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी द्वारा दो किलोवाट से कम के बिजली उपभोक्ताओं के पुराने बकाया बिलों को माफ करने की घोषणा के बाद अबोहर में कांग्रेसी नेता इसका झूठा श्रेय लेने की होड़ में लगे हैं। यह आरोप भाजपा विधायक अरूण नारंग ने कांग्रेस पार्षदों द्वारा अपने घरों में उपभोक्ताओं को बुलाकर उनके फार्म भरने पर कड़ा रोष जताते हुए कही।

विधायक नारंग ने कहा कि बेशक चरणजीत चन्नी ने आगामी चुनावों का फायदा लेने के लिए राज्य के सभी दो किलोवाट के कम के उपभोक्ताओं के पिछले सभी बिजली बिल माफ करने की घोषणा की ह, लेकिन इस घोषणा के बाद अबोहर में सतापक्ष के नेता इसका खूब लाभ उठा रहे हैं, क्योंकि बिजली माफी संबंधी जो फार्म भरे जा रहे हैं। उन पर सुनील जाखड़ व संदीप जाखड़ की फोटो प्रकाशित की गई है, जबकि इनके पास कांग्रेस सरकार की किसी प्रकार की जिम्मेवारी नहीं है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेसी पार्षदों के घरों पर यह फार्म उपभोक्ताओं से भरवाकर झूठी वाहवाही लूटी जा रही है। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग का पूरा अमला अब आनलाइन है और उनको सभी पता है कि किन उपभोक्ताओं के घरों या प्रतिष्ठानों में 2 किलोवाट से कम के कुनेक्शन हैं। ऐसे में विभाग चाहे तो सीधे ही इन उपभोक्ताओं के खातों की बकाया राशि क्लीयर कर सकता है। उसके लिए फार्म भरने की इस झूठी प्रक्रिया की क्या जरूरत है।

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