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फिरोजपुर सिविल अस्पताल में चोरों का आतंक, दरवाजे-खिड़कियां ही नहीं चौखटें तक उखाड़ ले गए

Published: Sun, 25 Oct 2026 03:56 PM (IST)

फिरोजपुर सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं। पंजाब मानवाधिकार आयोग के सदस्य जतिंदर ...और पढ़ें

जिला सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

जिला सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

HighLights

  1. आई विभाग से दरवाजे-खिड़कियां चोरी, सुरक्षा पर सवाल

  2. मोर्चरी में फ्रीजर कम, एंबुलेंस रिकॉर्ड अधूरा पाया गया

  3. मानवाधिकार आयोग ने व्यवस्था सुधारने के दिए सख्त निर्देश

कपिल सेठी, फिरोजपुर। जिला सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल का आई विभाग लंबे समय से चालू नहीं होने के कारण चोरों के निशाने पर है।

हालात यह हैं कि चोर विभाग के दरवाजे, खिड़कियां और यहां तक कि चौखटें तक उखाड़कर ले गए। शौचालयों के दरवाजे भी गायब हैं। वहीं, अस्पताल की मोर्चरी में शवों को सुरक्षित रखने के लिए महज चार फ्रिज होने और 108 एंबुलेंस का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने पर पंजाब मानवाधिकार आयोग के सदस्य जतिंदर सिंह शंटी ने नाराजगी जताई।

उन्होंने रविवार सुबह नौ बजे सिविल अस्पताल और थाना सिटी का औचक निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यवस्थाओं में सुधार करने के निर्देश दिए।

शंटी ने कहा कि जिले की आबादी 10 लाख से अधिक है। ऐसे में मोर्चरी में शवों को सुरक्षित रखने के लिए कम से कम 20 डीप फ्रीजर होने चाहिए। यदि किसी बड़ी दुर्घटना या आपदा की स्थिति में एक साथ कई शव अस्पताल पहुंचते हैं तो मौजूदा व्यवस्था में उन्हें सुरक्षित रखना बेहद मुश्किल हो सकता है। उन्होंने इन कमियों की रिपोर्ट तैयार कर मुख्य सचिव को भेजने की बात कही।

आई विभाग लंबे समय से बंद, चोर उखाड़ ले गए दरवाजे और चौखटें

सिविल अस्पताल के आई विभाग की हालत ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लंबे समय से विभाग के चालू नहीं होने के कारण परिसर में सुरक्षा की कमी का फायदा उठाकर चोर वहां से दरवाजे, खिड़कियां और चौखटें तक उखाड़कर ले गए। शौचालयों में दरवाजे नहीं होने की स्थिति भी सामने आई। विभाग का लंबे समय से बंद रहना और वहां की संपत्ति की सुरक्षा नहीं हो पाना गंभीर चिंता का विषय है।

निरीक्षण के दौरान यह मामला शंटी के ध्यान में लाया गया। उन्होंने अस्पताल के संबंधित अधिकारियों से इस संबंध में जवाब मांगे जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि विभाग के लंबे समय से चालू नहीं होने और वहां चोरी की घटनाएं होने के कारणों की जानकारी ली जाएगी। संबंधित एसएमओ को नोटिस जारी कर चोरी की घटनाओं और अब तक की गई कार्रवाई के बारे में जवाब मांगा जाएगा।

108 एंबुलेंस का रिकार्ड अधूरा, मोर्चरी में शव सौंपने वालों की एंट्री भी नहीं

निरीक्षण के दौरान 108 एंबुलेंस सेवा के रिकार्ड में भी गंभीर कमियां सामने आईं। शंटी ने तीनों एंबुलेंस के रिकॉर्ड की जांच की। उन्हें यह जानकारी दर्ज करने की व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली कि एंबुलेंस कब और कहां गई, कितने किलोमीटर चली, किसने उसे बुलाया, किसके निर्देश पर भेजा गया, वह कब वापस आई और किस मरीज को लेकर गई।

उन्होंने कहा कि इस तरह की महत्वपूर्ण जानकारियों का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध होना जरूरी है, ताकि एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे।

उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए कि तीनों एंबुलेंस का रिकॉर्ड नियमित और व्यवस्थित ढंग से रखा जाए। हर फेरे का पूरा विवरण दर्ज किया जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर उसकी जांच की जा सके।

मोर्चरी के रिकार्ड में भी कमी सामने आई। शव आने का विवरण तो दर्ज था, लेकिन शव किस व्यक्ति को सौंपा गया, इसकी पूरी जानकारी दर्ज करने की व्यवस्था नहीं मिली।

इस पर शंटी ने मोर्चरी के कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी कि भविष्य में किसी भी शव को सौंपते समय संबंधित व्यक्ति का नाम, मृतक के साथ उसका रिश्ता, पहचान पत्रों का विवरण और हस्ताक्षर अनिवार्य रूप से दर्ज किए जाएं। उन्होंने कम से कम दो व्यक्तियों के पहचान पत्रों और हस्ताक्षरों का रिकार्ड रखने के निर्देश दिए, ताकि शव सौंपने की प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

थाना सिटी के मालखाने में रोशनी तक नहीं, हवालात में बंद लोगों से भी की बातचीत

सिविल अस्पताल के बाद शंटी थाना सिटी पहुंचे। यहां उन्होंने हवालात का निरीक्षण किया और बंद लोगों से बातचीत कर उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली। इसके बाद मालखाने की जांच की, जहां लाइट तक नहीं जल रही थी।

मालखाने की स्थिति देखकर उन्होंने सफाई और रखरखाव को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को व्यवस्था दुरुस्त करने की हिदायत दी।

इस दौरान थाना प्रभारी सुखचैन मेहता से भी विभिन्न मामलों और समस्याओं पर चर्चा की गई। शंटी ने उन्हें लंबित समस्याओं का जल्द समाधान करवाने के निर्देश दिए।

बता दें कि शंटी ने एक दिन पहले जीरा में जनसुनवाई की थी। उन्होंने कहा कि पिछली बार सिविल अस्पताल के दौरे के दौरान सफाई और अन्य व्यवस्थाओं में कई कमियां मिली थीं। इस बार अस्पताल में सफाई व्यवस्था में काफी सुधार देखने को मिला है।

उन्होंने इस सुधार पर संतोष जताया, लेकिन मोर्चरी, एंबुलेंस रिकॉर्ड और आई विभाग की स्थिति में तत्काल सुधार की जरूरत पर जोर दिया।

इस मौके पर पंजाब मानवाधिकार आयोग के फिरोजपुर कोर ग्रुप के सदस्य गुरनाम सिद्धू, नरेंद्र सिंह केसर और गुरनूर बराड़ भी मौजूद रहे।