तरुण जैन, फिरोजपुर : कंटोनमेंट बोर्ड के पार्षदों का कार्यकाल खत्म होने के बावजूद रक्षा मंत्रालय की ओर से अभी तक ना तो चुनाव करवाने की कोई अधिसूचना जारी की गई है और ना ही सिविल एरिया का कोई सदस्य मनोनित किया गया है। छावनी परिषद की ओर से लगातार अतिक्रमण हटाने के नाम पर लोगों को भेजे जा रहे नोटिस के बाद लोगों में डर का माहौल है। लोगो का मानना है कि मनोनित सदस्य ही उनकी आवाज को मंत्रालय सहित उच्चाधिकारियो तक पहुंचा सकते है।

बोर्ड का मनोनित सदस्य बनने के लिए पिछले दिनों बेशक कई राजनेताओं सहित खुद को लोगों का शुभचितक मानने वाले एड़ी चोटी का जोर लगा रहे थे, लेकिन चार माह बीत जाने के बावजूद भी अभी तक किसी का नाम घोषित नही हुआ है। वहीं एक बोर्ड अधिकारी भी खुद की सियासी रोटियां सेंकने के लिए लोगों को सदस्य बनने के लिए नाम रक्षा मंत्रालय के अधिकारियो व मंत्रियो को भेजने की सियासत कर रहा है। पिछले दिनों कई अधिकारियो की मिलीभगत के चलते क्षेत्र में कई तरह के घपले उजागर हुए थे और केंद्रीय एजेंसियों की जांच में कई अधिकारी रड़ार पर चल रहे थे। ऐसे में क्लीन चिट हासिल करने के लिए अपने खास लोगों को सदस्य बनाने की भी गोटियां फिट की जा रही है। वहीं केंद्र में भाजपा की सरकार होने के कारण कई भाजपा व संघ नेता भी इस पद के लिए खुद को दावेदार मान रहे हैं।

दो बार पार्षदों का बढ़ाया गया था कार्यकाल कैंट के आठ वार्डो में पार्षदों का कार्यकाल फरवरी 2020 में खत्म होने के बाद रक्षा मंत्रालय की ओर से छह-छह माह कर दो बार कार्यकाल बढ़ाया गया था, लेकिन अब पिछले चार माह से कार्यकाल खत्म हो चुका है। बेशक फिरोजपुर में यह चुनाव किसी राजनीतिक पार्टी के चिन्ह् पर ना होते हो, लेकिन राजनीतिक पार्टीया अपने कार्यकर्ताओ को जोर-शोर के साथ इन चुनावो में उतारती है।

चुनाव के लिए नहीं आया कोई आदेश : सीईओ

कंटोनमेंट बोर्ड की सीईओ प्रोमिला जयसवाल ने कहा कि अभी तक चुनाव करवाने संबंधी विभाग की तरफ से कोई आदेश नहीं आया है। जिन लोगों ने मनोनित सदस्य बनने के लिए प्रार्थना पत्र दिए थे, उनके नाम उच्चाधिकारियों को सौंप दिए गए हैं। सदस्य कब मनोनित होंगे यह कार्य उच्च स्तरीय अधिकारियो का है।

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