यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 13, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बाल दिवस पर बच्चों में करवाई प्रतियोगिताएं
बाल दिवस के उपलक्ष्य में डीसीएम इंटरनेशनल स्कूल में शनिवार को नन्ने-मुन्ने बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया। इस दौरान ...और पढ़ें

संवाद सूत्र, फिरोजपुर : बाल दिवस के उपलक्ष्य में डीसीएम इंटरनेशनल स्कूल में शनिवार को नन्ने-मुन्ने बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया। इस दौरान प्रिसिपल मनीश पंवार ने बताया कि बच्चे चाचा नेहरू की ड्रेस में स्कूल में आए, जिनके साथ केक काटा गया।
उन्होंने बताया कि इस दिन देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू का जन्म हुआ था। इस उपरांत बच्चों ने गीतों पर नृत्य पेश कर सभी का समां बांधा। प्रिसिपल ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम करवाने से बच्चों को अपने राष्ट्रीय पर्वो के बारे में जानकारी मिलती है। बच्चो के मध्य कविताओ की प्रतियोगिता भी करवाई गई और उन्हें चिल्ड्रन डे पर वीडियो भी दिखाई। इस अवसर पर वीपी मनरीत सिंह, गगनदीप कौर, राबिया बजाज सहित अन्य उपस्थित थे। कांफी स्कूल में मनाया बाल दिवस संवाद सूत्र, फाजिल्का : मदन गोपाल रोड पर स्थित कांफी इंटरनेशनल कान्वेंट स्कूल में बाल दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान यूकेजी कक्षा के बच्चों द्वारा कहानी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया गया।
स्कूल प्रिसिपल सुनीता गुंबर ने बच्चों को बताया कि 14 नवंबर का दिन भारत के लिए बेहद खास होता है। क्योंकि इस दिन भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म हुआ था। उनकी याद में इस दिन को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि जवाहरलाल नेहरू बच्चों से बेहद प्यार करते थे और बच्चे उन्हें प्यार से चाचा नेहरू कहकर बुलाते थे। स्कूल के चेयरमैन गौरव झींझा ने बताया कि उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए वर्ष 1956 से ही उनके जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। पंडित नेहरू के अनुसार आज के बच्चे ही देश के भविष्य हैं। इसलिए उन्हें प्यार और देखभाल की जरुरत होती है ताकि वे अपने पैरों पर खड़े हो सके। इस मौके प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले बच्चों को इनाम देकर सम्मानित किया गया।
