अमृत सचदेवा, फाजिल्का : बुढ़ापा शरीर पर आता है, दिमाग पर नहीं, इसकी ताजा मिसाल आईआईटी रुड़की से सेवानिवृत्त एवं उत्तराखंड सरकार की ओर से 'ऊर्जा पुरुष' के खिताब से नवाजे गए फाजिल्का निवासी डा. भूपेंद्र सिंह हैं। उन्होंने गर्मी में झुलसते हुए अजीविका कमाने वाले रेहड़ी वालों के लिए मुफ्त में ठंडी हवा व म्यूजिक का प्रबंध किया है।

60 साल से अधिक उम्र के हो चुके डा. भूपेंद्र सिंह ऊर्जा बचाने के लिए अपने फोल्ड होने वाले साइकिल पर चलते हैं और अकसर कोई न कोई ऐसा आविष्कार करते रहते हैं जिससे ऊर्जा की बचत हो। इन गर्मियों में उन्होंने 90 वॉट की सोलर प्लेट व एक बैटरी चार्जर से रेहड़ी लगाने वालों के लिए दिन भर मुफ्त पंखे की ठंडी हवा का प्रबंध भी किया है।

डा. भूपेंद्र सिंह के अनुसार सोलर पावर के इस्तेमाल की खोज कोई नई नहीं है। बल्कि उन्होंने तो इसे आगे बढ़ाया है। पहले सोलर पावर का इस्तेमाल बैटरी के जरिये किया जाता है। लेकिन बड़े प्रोजेक्टों में बैटरी की जरूरत होती है। उन्होंने इस आविष्कार की एक्सटेंशन तो सिर्फ गरीब रेहड़ी लगाने वालों के लिए की है। डा. सिंह ने कहा कि सूर्यदेव अपनी किरणों से पूरी दुनिया में ऊर्जा बांट रहे हैं। जरूरत तो केवल उस ऊर्जा के सदुपयोग की है। जब उन्होंने देखा कि हर शहर में हजारों रेहड़ी लगाने वाले लोग गर्मी में झुलसते हुए फल, सब्जियां व अन्य सामान बेचते हैं। रेहड़ी पर छोटा पंखा चलाने के लिए उन्हें हजारों रुपये की कीमत वाले बैटरी इनवर्टर का प्रयोग करना पड़ता है, जिसे वह रोजाना घर जाकर चार्ज करते हैं। इसलिए उन्होंने एक 90 वॉट की सोलर प्लेट से धूप में पैदा होने वाली बिजली को बैटरी में संचित करने के बजाय डायरेक्ट करंट (डीसी) से पंखा चलाने का तजुर्बा किया। बैटरी के साथ चार्जर जोड़कर उनका यह तजुर्बा कामयाब रहा है।

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यूं काम करता है सोलर फैन

फाजिल्का : डा. भूपेंद्र सिंह ने बताया कि साल के 365 दिन में कम से कम 220 दिन धूप खिलती है। 90 वॉट की सोलर प्लेट पूरे दिन की धूप में करीब 750 वॉट यानी पौन किलोवाट बिजली पैदा करती है। इतनी बिजली से गर्मी में झुलसने वाला रेहड़ी वाला पूरा दिन ठंडी हवा ले सकता है। साथ ही उस बिजली से वह रेहड़ी पर म्यूजिक सिस्टम, इलेक्ट्रिक कांटा भी चल सकता है, जोकि बैटरी से चलाना पड़ता है। यह सोलर फैन 45 सौ रुपये में तैयार होता है। इससे पूरे दिन में आधा यूनिट, महीने में 15 यूनिट व एक साल में 180 यूनिट बिजली पैदा होती है। इस तरह पांच साल में यह सोलर फैन अपनी कीमत पूरी कर देता है व आगामी पांच साल 45 सौ की बचत करवाता है।

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सरकार संभाले प्रोजेक्ट तो बचेगी लाखों यूनिट बिजली

फाजिल्का : डा. भूपेंद्र सिंह ने कहा कि सोलर पावर का प्रचार कर रही सरकार रेहड़ी वालों के लिए सोलर फैन के लिए कर्ज का प्रबंध करे तो अकेले पंजाब में प्रतिदिन लाखों यूनिट बिजली बचेगी। क्योंकि वर्तमान में रेहड़ी वाले घर से ऊर्जा खपत कर चार्ज करके लाई बैटरियों से पंखे, बल्ब व इलेक्ट्रिक कांटे चलाते हैं।

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