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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 12, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'अहीर-यादव' को पिछड़ी श्रेणी में शामिल न करने से रोष

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Published: Mon, 12 Oct 2015 09:04 PM (IST)

संवाद सूत्र, फिरोजपुर : देश के 27 राज्यों में अहीर-यादव जाति पिछड़ी श्रेणी में शामिल है, लेकिन पंज

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संवाद सूत्र, फिरोजपुर : देश के 27 राज्यों में अहीर-यादव जाति पिछड़ी श्रेणी में शामिल है, लेकिन पंजाब सरकार की पिछड़ी श्रेणी की लिस्ट में इसका नाम नहीं है। पंजाब सरकार की इसी बेरुखी पर यादव जाति के लोगों में भारी रोष है। सोमवार को इसी संबंध में अहीर-यादव विकास संघ की जिला फिरोजपुर इकाई की बैठक छावनी के गांधी गार्डन में हुई। संघ के प्रधान संतलाल यादव के नेतृत्व में हुई बैठक के दौरान लालचंद यादव प्रधान अहीर यादव विकास संघ पंजाब विशेष रूप से उपस्थित हुए। बैठक को संबोधित करते लालचंद ने कहा कि पंजाब सरकार की गलत नीतियों के चलते अहीर-यादवों को भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि समुदाय के लोगों ने समस्या के समाधान के लिए राज्य के विभिन्न जिलों में डिप्टी कमिश्नरों को ज्ञापन सौंपा है, फिरोजपुर के डीसी को भी मांगपत्र सौंपा गया है। लेकिन सरकार उनकी मांगों को नजरंदाज कर रही है।

बैठक में सचिव राजेश यादव ने कहा कि बार-बार आग्रह के बावजूद सरकार उनकी मांगों की ओर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने यादव-अहीर जाति को पिछड़ी श्रेणी की लिस्ट में शामिल नहीं किया तो समुदाय के लोग संघर्ष करने के लिए मजबूर होंगे।