मोहित गिल्होत्रा, फाजिल्का : पंजाब में मानसून इस बार सही समय पर आ रहे हैं। जून के पहले सप्ताह ही मानसून दस्तक दे रहा है। दूसरी तरफ मानसून के आने से पहले के इंतजाम की बात करें तो भले ही नगर कौंसिल ने अप्रैल व मई माह की शुरुआत तक सभी नालों व नालियों की सफाई की, लेकिन इस बार फिर से नालों में गंदगी भर जाने से बारिश के समय लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। भले सफाई कर्मचारी रोजाना सफाई कर रहे हैं, लेकिन नालों में अटकी पालीथिन एक जगह पर जमकर पानी के सड़कों पर फैलाव का कारण बनती है, जिस कारण नई बनी सड़कें भी टूट जाती हैं।

इस समय गर्मी पूरी तरह से आग उगल रही है। तापमान 45 डिग्री है, जबकि बाजारों में सन्नाटा छाया हुआ है। लेकिन राहत की बात यह है कि आने वाले तीन दिनों में मौसम में बदलाव आएगा और मौसम विभाग के अनुसार जून की शुरुआत में मानसून भी शुरू हो जाएगा। बारिश में दिनों में पानी एकत्रित होने वाली जगहों की बात करें तो शहर के धोबीघाट मोहल्ला, सिद्ध श्री हनुमान मंदिर के साथ वाली गली, वान बाजार के आसपास की गलियां आधे घंटे की बारिश से ही जलमग्न हो जाती हैं। इसका मुख्य कारण नालियों में अटकी पॉलीथिन है। वहीं इन सभी जगहों पर बारिश के पानी की निकासी के लिए बनाया गया नाला भी गुजरता है। भले ही नाले की समय समय पर सफाई की जाती है, लेकिन इसके बावजूद नालियों के जरिए कचरा नाले में जाता है और यह जाम के चलते पानी ओवरफ्लो हो जाता है।

---

कम नहीं हो रहा पॉलीथिन का प्रयोग

नालों व सीवरेज के जाम होने का सबसे बड़ा कारण नालियों के जरिए नालों में पहुंचने वाली पॉलीथिन है। भले नगर कौंसिल के कर्मचारी रोजाना गलियों से कूड़ा एकत्रित करते हैं, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग नालियों में ही कूड़ा फेंकते हैं, जिससे यह कूड़ा आगे नालियों में जाता है और वह बारिश आने पर ओवरफ्लो होने का कारण बनता है।

---

सड़कों के निर्माण कार्य पर भी पड़ेगा असर

मानसून की दस्तक के चलते सड़क के निर्माण कार्यो पर भी असर देखने को मिल सकता है। क्योंकि बारिश के दौरान सड़क बनाने का कार्य नहीं किया जा सकता। वहीं कई सड़कें ऐसी हैं, जिनका सीवरेज बारिश ही नहीं अन्य दिनों में भी जाम जैसा रहता है। फाजिल्का की बात करें तो इस समय बस स्टैंड वाली सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है।

---

दोबारा करवाई जाएगी सफाई

नगर कौंसिल के कार्यकारी अधिकारी रजनीश गिरधर ने कहा कि एक माह पहले ही फाजिल्का के डिप्टी कमिश्नर कार्यालय में हुई बैठक के दौरान शहर की सफाई करने का निर्णय लिया गया था। इसके तहत मानसून के आने से पहले ही अप्रैल व मई माह की शुरुआत तक सभी नालों व नालियों की सफाई करवा दी गई है। लेकिन अगर इसके बावजूद भी नाले फिर से गंदे हो चुके हैं, तो वह जल्द ही उन्हें साफ करवा देंगे। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि वह पालीथिन का प्रयोग कम से कम करें।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!