संवाद सूत्र.फिरोजपुर

पुलिस की सख्ती के बावजूद चाइनीज डोर करीब हर छत पर देखने को मिली और इसी डोर की चपेट में आने वाले लोगों को जख्मी होना पड़ा। त्योहार के दिन छतों पर जितनी भी डोर इस्तेमाल हुई वह चाइनीज डोर ही थी। डोर द्वारा दिए जख्म भले ही ज्यादा नहीं थे, लेकिन जिन लोगों को घाव मिले हैं वह डोर का जख्म भुला नहीं पाएंगे। हालांकि दर्जनों के करीब लोगों को जख्म मिले, लेकिन उन्होंने अपना इलाज प्राइवेट डाक्टरों से करवा लिया। मॉडल टाउन की रहने वाली रुफी भी डोर की चपेट में आने से जख्मी हो गई। डोर से उसके माथे और नाक पर जख्म हो गए हैं।

12 वर्षीय रुफी के पिता बल¨वदर ने बताया कि रुफी दोपहर में छत पर खड़ी होकर लोगों की पतंगबाजी देख रही थी। इस दौरान एक डोर ने उसकी नाक के करीब काट दिया। रुफी को सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया। एसएमओ प्रदीप अग्रवाल ने टांके लगाए। प्राथमिक उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई।

दूसरी तरफ एसएमओ ने कहा कि अभी तक डोर से जख्मी होने का पहला केस सामने आया है। इससे पहले अस्पताल में डोर से जख्मी कोई नही पहुंचा।

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