संवाद सूत्र, फाजिल्का : सेहत विभाग की टीमों की ओर से बुधवार को फाजिल्का के अर्बन क्षेत्र में सेहत टीमों द्वारा जांच की गई। इस दौरान सेहत विभाग की टीमों को दो जगहों पर डेंगू का लारवा मिला, जिसे मौके पर ही नष्ट किया गया।

सिविल सर्जन डा. दविद्र ढांडा ने बताया कि डेंगू बुखार एडिज ऐजिपटी नामक मच्छर के काटने से होता है। यह मच्छर ठहरे पानी में पैदा होता है और दिन समय पर काटता है। डेंगू टेस्ट और इलाज जिला अस्पताल फाजिल्का में मुफ्त किया जाता है। उधर, एसएमओ डा. सुधीर पाठक ने डेंगू व चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए फाजिल्का शहर के प्राइवेट लैब संचालकों के साथ मीटिग की, जिसमें एसएसएच लैब जिला अस्पताल फाजिल्का में अलाइजा टेस्ट किए जाने की जानकारी दी। प्राईवेट लैब संचालकों को बताया गया कि लैब में कोई भी बुखार का केस या डेंगू का संदिग्ध मरीज आए तो उनका अलाईजा टैस्ट करवाना यकीनी बनाया जाए। इस मौके प्राईवेट लैब संचालक नरेश राजदेव, विकास कटारिया, हरिदर सिंह हैप्पी, जिला अस्पताल के माइक्रोबायलोजिस्ट प्रिस पुरी, स्वास्थ्य कर्मचारी सुखजिदर सिंह, डा. सुनीता उपस्थित थे।

डेढ़ माह में 109 घरों में नष्ट किया डेंगू का लारवा

संस, अबोहर : डेंगू से बचाव के लिए स्वास्थ्य टीमों द्वारा घर घर जाकर डेंगू के लारवे की जांच की जा रही है। इसी के तहत सुपरवाइजर टहल सिंह, अमनदीप व जगदीश के नेतृत्व में बनाई गई छह टीमों के 14 कर्मचारियों ने ठाकर आबादी के दर्जनों घरों में जाकर घरों में कूलर, फ्रिज की ट्रे, पक्षियों के लिए पानी के रखे परिडों व गमलों आदि के पानी की जांच की गई।

एसएमओ गगनदीप सिंह ने बताया कि अगस्त माह में 9971 घरों की जांच हुई है, जिनमें से 73 घरों से लारवा नष्ट किया गया है, जबकि सितंबर माह के 15 दिनों में 4500 घरों की जांच हुई है, जिनमें से 36 घरों में मिले डेंगू के लारवे को नष्ट किया गया है। इस मौके पर इंस्पेक्टर मनजोत सिंह मौजूद थे।

Edited By: Jagran