यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 12, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
खाद बरामद मामले में कार्रंवाई के लिए थाने के बाहर किया प्रदर्शन
डीएपी खाद की किल्लत के चलते किसानों को ब्लैक में बेची जा रही खाद की शिकायतें के बाद वीरवार को ...और पढ़ें

संवाद सूत्र, जलालाबाद: डीएपी खाद की किल्लत के चलते किसानों को ब्लैक में बेची जा रही खाद की शिकायतें के बाद वीरवार को एक खाद डीलर द्वारा अवैध रूप से स्टोर की गई खाद की चेकिग के बाद पुलिस प्रशासन द्वारा कार्यवाही न किए जाने के रोष स्वरूप शुक्रवार शाम भाकियू उगराहा द्वारा थाना सिटी के समक्ष रोष प्रदर्शन किया गया।
इस दौरान जिला प्रधान गुरभेज सिंह रोहीवाला, जिला उपाध्यक्ष गुरमीत सिंह मन्नेवाला, पूरन सिंह तम्बूवाला सलाहकार, मेजर सिंह खालसा, शेर सिंह चक्क सैदोका आदि ने कहा कि कार्पोरेट घरानों की शह पर हो रही डीएपी खाद की कालाबाजारी के खिलाफ किसान जत्थेबंदी द्वारा कृषि विभाग को साथ लेकर एक खाद विक्रेता के अलग-अलग गोदामों को चेक करवाया गया। उनमें करीब दो हजार बोरी डीएपी बरामद हुई है, जिसे लेकर कृषि विभाग की तरफ से थाना सीटी को रिपोर्ट बनाकर सौंपी गई। लेकिन थाना सिटी पुलिस की तरफ से कोई भी कार्रवाई न किए जाने के के रोष स्वरूप थाने के समक्ष रोष धरना दिया जा रहा है। उधर किसानों के रोष को देखते थाना सिटी प्रमुख ने किसानों को भरोसा दिलाया कि पुलिस द्वारा उक्त मामले में कार्रवाई की जा रही है, जिसके बाद किसानों ने अपना रोष प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
एनएचएम कर्मियों ने किया प्रदर्शन संवाद सूत्र, फाजिल्का : पंजाब सरकार की ओर से जारी किया गया 36000 कर्मचारियों को रेगुलर करने का संदेश सरासर झूठ का पुलिदा है, क्योंकि इस एक्ट में कर्मचारियों के साथ बहुत बड़ा धोखा किया जा रहा है। यह बात एनएचएम इंप्लायज यूनियन के नेताओं ने फाजिल्का के सिविल अस्पताल में रोष प्रदर्शन के दौरान कही।
यूनियन नेताओं ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग अधीन एनएचएम कर्मचारी जो कि पिछले काफी लंबे समय से केंद्र सरकार की स्कीम के अंतर्गत काम कर रहे हैं, उनको भी अनदेखा किया गया है, जब इस संबंधी उप मुख्यमंत्री पंजाब के साथ यूनियन के नुमाइदों ने बैठक की तो उन्होंने बताया कि उनको यह नहीं पता कि एनएचएम कर्मचारी इस एक्ट या बिल में शामिल हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि हर बार की तरह इस सरकार ने भी ठेका कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार किया है। जिला प्रधान रविन्द्र कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के समूह क्लैरीकल, मेडिकल, पैरामेडिकल कर्मचारियों, आशा वर्करों, आशा फैसिलिटेटरों की ओर से अपनी जान की परवाह किए बिना जनता तक सेवाएं दी जा रही हैं, लेकिन सरकार इनके साथ वादाखिलाफी करके इन कर्मचारियों का आर्थिक और मानसिक शोषण कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य विभाग पंजाब अधीन समूह कार्यक्रमों के एनएचएम और आउटसोर्स कर्मचारियों को इस एक्ट में शामिल करके इन कर्मचारियों को रेगुलर करे। इस मौके डा. यूनिक गुप्ता, डा. सुनीता, डा. आमना कंबोज, प्रिस पूरी, सिमरनजीत कौर, बलजीत सिंह, जसपिदर कौर, पूजा व अन्य उपस्थित रहे।
