मोहित गिल्होत्रा, फाजिल्का : भले ही पंजाब में 86 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर कांग्रेस पार्टी ने अपनी सियासी पिक्चर काफी साफ कर दी है, लेकिन अभी भी कई सीटें ऐसी हैं, जिन पर पेंच फंसा हुआ है और सस्पेंस बरकरार है। इनमें से ही दो सीटें हैं फाजिल्का व जलालाबाद।

इन दोनों सीटों में से जलालाबाद सीट से शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के चुनाव लड़ने के चलते कांग्रेस हाईकमान किसी बड़े चेहरे को यहां से उतारने का प्लान बना रहा है, तो वहीं फाजिल्का सीट से टिकट के चाहवानों की बढ़ती लिस्ट के कारण पेंच फंस चुका है।

यहां के मौजूदा सियासी समीकरण की बात करें तो अभी तक केवल शिअद और आप ने ही उम्मीदवारों के लेकर पत्ते खोले हैं, जबकि कांग्रेस की पहली लिस्ट में अबोहर व बल्लूआना की पिक्चर साफ हो गई है।

फाजिल्का सीट की बात करें तो टिकट के दावेदारों में यहां के मौजूदा विधायक दविद्र सिंह घुबाया का नाम तो है ही, लेकिन इसके अलावा कई और चेहरे भी टिकट के चाहवान हैं, जिसमें कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रंजम कामरा भी शामिल हैं, जबकि इन दोनों के अलावा अन्य कई नेता भी टिकट के चाह्वान हैं। ऐसे में कई दिग्गजों का हाथ इन चाहवान उम्मीदवारों के सिर पर होने के कारण ही फाजिल्का सीट से अभी तक उम्मीदवार की घोषणा नहीं हुई, जबकि दूसरी लिस्ट में यहां से भी उम्मीदवार घोषित होने की उम्मीद है।

हमेशा से हाटसीट बनने वाली जलालाबाद सीट से एक बार फिर से सुखबीर सिंह बादल ने चुनाव लड़ने का ऐलान किया है, जिसके चलते आप ने तो जगदीप कंबोज गोल्डी को यहां से टिकट देकर पिक्चर साफ कर दी है, लेकिन अभी तक कांग्रेस ने उम्मीदवार का फैसला नहीं किया। हालांकि यहां के मौजूदा विधायक रमिदर आंवला को भी टिकट देने पर विचार चल रहा है। लेकिन उनकी टिकट गुरुहरसहाय क्षेत्र के लिए फाइनल होने के क्यास लगाए जा रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस हाईकमान सुखबीर बादल के सामने किसी बड़े नेता को उतारना चाहती है। इसलिए अभी तक इस सीट पर विचार विमर्श चलने के कारण इस सीट की घोषणा नहीं की गई। भाजपा की सूची का भी हो रहा इंतजार

एक तरफ कांग्रेस ने जहां फाजिल्का व जलालाबाद की सीट पर सस्पेंस बरकरार रखा है। वहीं दूसरी तरफ भाजपा की सूची को लेकर भी सस्पेंस बरकरार है। भाजपा की ओर से भी एक या दो दिन में उम्मीदवारों की सूची जारी करने की बात कही गई है, ऐसे में यही कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा जिला फाजिल्का की चारों विधानसभा सीटों से उम्मीदवारों की घोषणा करते हुए सियासी पिक्चर पूरी तरह से साफ कर देगी, जबकि भाजपा की भी यही कोशिश होगी कि जलालाबाद में सुखबीर बादल के समक्ष मजबूत उम्मीदवार खड़ा किया जाए।

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