फतेहगढ़ साहिब, [धरमिंदर सिंह]। एक पंजाबी युवक ने पत्‍नी के साथ अनोखा वर्ल्‍ड टूर किया। उसने साइकिल से 20 देशों की यात्रा की और स्विट्जरलैंड से पंजाब पहुंचा। इस तरह जसकरण ने साबित किया हौसले से हर मुकाम हासिल किया जा सकता है। दोनों ने स्विट्जरलैंड से अपनी यात्रा शुरू की और छह माह में पंजाब पहुंचे

फतेहगढ़ साहिब जिले के बस्सी पठाना के रहने वाले जसकरण सिंह (32) और उसकी पत्‍नी पैरीन सोलम इस यात्रा से बेहद खुश हैं। इस दंपती ने स्विट्जरलैंड से साइकिल से न सिर्फ 20 देशों की सैर की बल्कि इन देशों के लोगों के बीच रहे और वहां की संस्कृति की बारीकियों को भी जाना।

फतेहगढ़ साहिब के जसकरण 16 अप्रैल को पत्नी के साथ साइकिल पर स्विट्जरलैंड से चले थे घर के लिए

छह महीने पहले 16 अप्रैल 2019 को जसकरण ने पत्नी पैरीन के साथ स्विट्जरलैंड से साइकिल यात्रा शुरू की थी। आठ हजार किलोमीटर का सफर तय कर बुधवार को दोनों स्विट्जरलैंड से बस्सी पठाना अपने घर पहुंचे तो लोगों ने भव्य स्वागत किया। जसकरण 10 साल पहले इंग्लैंड गया था। तीन वर्ष इंग्लैंड में रहने के बाद वह स्विट्जरलैंड के यूरिक शहर चला गया। वहां पर वह अब फूड कॉर्नर चलाता है। जसकरण ने वहीं पर पैरीन सोलम से शादी की है।

देखना चाहता था अलग-अलग देशों की संस्कृति

जसकरण सिंह का कहना है कि वह जब भी हवाई सफर करते थे तो धरती की ओर देखते हुए मन में सवाल उठता था कि इन देशों के लोग कैसे होंगे। यहां का रहन सहन, खानपान कैसा होता होगा। अलग-अलग देशों को देखने की बहुत इच्छा होती थी। यह इच्छा उन्होंने पत्नी पैरीन को बताई, जिसके बाद दोनों ने स्विट्जरलैंड से पंजाब तक की यात्रा साइकिल से करने की योजना बनाई।

प्रतिदिन करते थे 80 किलोमीटर सफर

जसकरण पत्‍नी के साथ हर रोज साइकिल से 80 किलोमीटर का सफर तय करते थे। जहां शाम होती थी वहीं शामियाना लगा देते थे। यात्रा के दौरान लिखटनस्टाइन, ऑस्ट्रिया, इटली, स्लोवेनिया, क्रोएशिया, अलबेनिया, ग्रीस, टर्की, जॉर्जिया, आर्मेनिया, इराक और दुबई सहित 20 देशों की यात्रा के बाद वह नेपाल के रास्ते भारत पहुंचे। 

पाकिस्तान के खिलाफ फूटा गुस्सा

अपने सफर के बारे में बताते हुए जसकरण ने पाकिस्तान के खिलाफ नाराजगी जाहिर की है। जसकरण ने बताया, पाकिस्तान ने उन्हें 14 दिन से ज्यादा वीजा की मंजूरी नहीं दी। इसके साथ कई कड़ी शर्तें भी लगा दीं। इसके बाद उन्हें वाघा बार्डर की बजाय नेपाल के रास्ते भारत आना पड़ा।

ईरान में हुए चोरी व नस्लीय भेदभाव के शिकार

जसकरण और पैरीन ने बताया कि ईरान में उनके पैसे चोरी कर लिए गए। उन्हें नस्ली भेदभाव का भी शिकार होना पड़ा। इसके विपरीत टर्की के लोग बहुत मिलनसार हैं। वहां लोगों ने बहुत प्यार दिया। घरों में रहने की जगह दी और खाना भी खिलाया।

 

Posted By: Sunil Kumar Jha

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