कांग्रेस की अंदरूनी रार पहुंची कोर्ट-कचहरी तक, चन्नी के भाई ने महिला नेता को भेजा मानहानि का लीगल नोटिस
बस्सी पठाना सीट की दावेदारी को लेकर कांग्रेस में विवाद बढ़ गया है। डाॅ. मनोहर सिंह ने महिला कांग्रेस नेता ...और पढ़ें

डॉ. मनोहर सिंह और अमनदीप ढोलेवाल।
HighLights
डॉ. मनोहर सिंह ने अमनदीप ढोलेवाल को मानहानि नोटिस भेजा।
विवाद डॉ. मनोहर की कांग्रेस सदस्यता पर केंद्रित है।
बस्सी पठाना सीट पर चुनावी दावेदारी से जुड़ा मामला।
नवनीत छिब्बर, फतेहगढ़ साहिब। पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट तेज होते ही कांग्रेस के भीतर शीर्ष नेतृत्व से लेकर जमीनी स्तर तक गुटबाजी और अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आने लगी है। एक तरफ जहां प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के गुटों के बीच तनातनी की खबरें लगातार सुर्खियां बनती रही हैं।
वहीं अब चन्नी के भाई डॉ. मनोहर सिंह को लेकर छिड़ा नया विवाद पार्टी की गुटबाजी को और हवा दे रहा है। जिला फतेहगढ़ साहिब के बस्सी पठाना विधानसभा क्षेत्र से चुनावी दावेदारी ठोक रहे कांग्रेस के राजीव गांधी पंचायती राज संगठन की को कनविनर डॉ. मनोहर सिंह और पार्टी की प्रांतीय महिला नेता के बीच जुबानी जंग अब कानूनी दांव-पेच में तब्दील हो चुकी है।
पूरा विवाद बस्सी पठाना सीट से कांग्रेस की दावेदारी और पार्टी सदस्यता को लेकर शुरू हुआ है। पंजाब प्रदेश महिला कांग्रेस की राज्य उपाध्यक्ष अमनदीप ढोलेवाल ने सार्वजनिक रूप से बयान दिया था कि डॉ. मनोहर सिंह कांग्रेस के सदस्य ही नहीं हैं। इस बयान पर कड़ा रुख अपनाते हुए डॉ. मनोहर सिंह के वकील एन.एस. तूर ने अमनदीप ढोलेवाल को मानहानि का लीगल नोटिस भेज दिया है।
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छवि खराब करने की साजिश का आरोप
लीगल नोटिस में ढोलेवाल के बयान को डॉ. मनोहर की राजनीतिक और सामाजिक छवि खराब करने की कुत्सित साजिश करार दिया गया है। नोटिस के जरिए मांग की गई है कि ढोलेवाल 7 दिनों के भीतर अपना बयान वापस लें और इस पर खेद जताएं, अन्यथा कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहें।
डॉ. मनोहर के पक्ष में कानूनी नोटिस में तथ्यों का हवाला देते हुए बताया गया है कि इंडियन नेशनल कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से 14 मई 2024 को एक पोस्ट जारी की गई थी। इस पोस्ट में पंजाब कांग्रेस के तत्कालीन प्रभारी देवेंद्र यादव डॉ. मनोहर सिंह को औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल कराते दिख रहे हैं। इसके अलावा, नोटिस में डॉ. मनोहर द्वारा 29 अगस्त 2024 को पार्टी सदस्यता शुल्क जमा कराने की रसीद को भी सबूत के तौर पर पेश किया गया है।
गौरतलब है कि डॉ. मनोहर सिंह 2022 के विधानसभा चुनाव में भी बस्सी पठाना से टिकट के प्रबल दावेदार थे, लेकिन पार्टी से टिकट न मिलने पर उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा था। बाद में 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान उन्होंने दोबारा कांग्रेस में वापसी की थी।
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ढोलेवाल अपने बयान पर अड़ीं
दूसरी ओर, कानूनी नोटिस के बाद भी अमनदीप कौर ढोलेवाल अपने रुख पर कायम हैं। ढोलेवाल का कहना है कि उन्होंने केवल वही बात दोहराई है जो पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने अपने बयान में कही थी। उन्होंने डॉ. मनोहर सिंह की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने ब्लॉक समिति और बस्सी पठाना नगर काउंसिल चुनावों में पार्टी लाइन से हटकर अपने अलग उम्मीदवार उतारे थे।
ढोलेवाल ने साधा डॉ. मनोहर पर निशाना
ढोलेवाल का दावा है कि डॉ. मनोहर बिना किसी आधिकारिक निर्देश या प्रांतीय नेतृत्व की सहमति के अपने स्तर पर बूथ इंचार्ज और ब्लॉक इंचार्ज नियुक्त कर रहे हैं। संगठन के समांतर व्यवस्था चलाने और पार्टी प्रोटोकॉल के उल्लंघन को आधार बनाते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने वाला व्यक्ति खुद को कांग्रेस का हिस्सा कैसे बता सकता है।
चुनावों से ठीक पहले बस्सी पठाना में उभरी यह रार साफ इशारा कर रही है कि पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी की जड़ें बेहद गहरी हो चुकी हैं।
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